भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। आईआईटी मद्रास में “श्री एस रामकृष्णन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन फ्लूइड एंड थर्मल साइंस रिसर्च” की स्थापना की गई है। इस अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने किया। यह केंद्र अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में जटिल तापीय चुनौतियों को हल करने पर केंद्रित रहेगा।
अनुसंधान केंद्र के बारे में:
लक्ष्य और अनुसंधान क्षेत्र:
ISRO-IIT मद्रास साझेदारी:
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर प्रभाव:
यह केंद्र भारत के भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगा और अंतरिक्ष विज्ञान में देश की अग्रणी भूमिका को और अधिक सशक्त करेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी…
नीतू समरा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का निया सीईओ नियुक्त किया गया है।…
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 17 अप्रैल,…
भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली…
विश्व मलेरिया दिवस 2026 हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाएगा, ताकि मलेरिया के बारे…
सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम…