हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है जो शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देता है। 2025 में यह दिवस अपनी 11वीं वर्षगांठ के साथ एक बार फिर व्यक्तिगत और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार सबसे पहले भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के दौरान प्रस्तुत किया था। उनके प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला और 11 दिसंबर 2014 को UNGA ने 21 जून को योग दिवस के रूप में मान्यता दी।
21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) होती है – यानी उत्तरी गोलार्ध का सबसे लंबा दिन। यह प्रकाश, जागरूकता और चेतना का प्रतीक है, जो योग के मूल सिद्धांतों से मेल खाता है।
2025 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम है:
“Yoga for One Earth, One Health” / “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”
यह विषय इस बात पर जोर देता है कि मानव स्वास्थ्य और पृथ्वी के स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है।
आज जब जलवायु परिवर्तन, मानसिक स्वास्थ्य संकट और निष्क्रिय जीवनशैली जैसी चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, तो यह संदेश स्पष्ट है — सच्चे स्वास्थ्य के लिए प्रकृति के साथ संतुलन आवश्यक है।
इस वर्ष की थीम के मुख्य उद्देश्य:
योग को सिर्फ व्यक्तिगत फिटनेस नहीं, बल्कि सतत जीवनशैली के रूप में अपनाना
पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संयमित उपभोग की आदतें विकसित करना
यह समझना कि व्यक्तिगत कार्यों का प्रभाव वैश्विक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है
यह थीम WHO और अन्य वैश्विक संगठनों द्वारा समर्थित “One Health” पहल के साथ भी मेल खाती है, जो मनुष्य, पशु और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को एकीकृत रूप से देखती है।
आज की भागदौड़ भरी दुनिया में, जहां तनाव, चिंता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ आम हो गई हैं, योग एक स्वाभाविक, समग्र समाधान प्रदान करता है।
योग के लाभ:
रोग प्रतिरोधक क्षमता और श्वसन स्वास्थ्य में सुधार
मानसिक सहनशीलता और भावनात्मक संतुलन
उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों में राहत
जागरूकता और वर्तमान में जीने की आदत को बढ़ावा
योग किसी धर्म, देश या वर्ग तक सीमित नहीं है – यह जीवन का विज्ञान है जिसे कोई भी, कहीं भी, किसी भी उम्र में अपना सकता है।
हर वर्ष भारत सरकार का आयुष मंत्रालय स्कूलों, विश्वविद्यालयों, दूतावासों, सांस्कृतिक संस्थानों और स्वास्थ्य संगठनों के साथ मिलकर योग दिवस के व्यापक कार्यक्रम आयोजित करता है।
2025 में विशेष पहलें:
ऐतिहासिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक योग सत्र
घर पर योग को प्रोत्साहन देने के लिए ऑनलाइन अभियान
शैक्षिक संगोष्ठियां, कार्यशालाएं और वेबिनार
सोशल मीडिया पर #YogaDay2025 और #OneEarthOneHealth जैसे अभियान
अपने क्षेत्र या शहर में आयोजित योग सत्रों में भाग लें
परिवार और दोस्तों के साथ घर पर योग करें
अपनी योग यात्रा को सोशल मीडिया पर साझा करें
प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के छोटे-छोटे कदम उठाएँ
योग के गहरे पहलुओं जैसे प्राणायाम, ध्यान और योगदर्शन को जानने का प्रयास करें
संक्षेप में, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 एक ऐसा अवसर है जहाँ हम न केवल अपने स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पूरे ग्रह की भलाई के लिए भी कदम उठा सकते हैं – योग के माध्यम से।
“योग से सहयोग, आत्मा से प्रकृति तक।”
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