अंतरराष्ट्रीय खिलौना मेला छह जुलाई से, 100 से अधिक विदेशी खरीदार भाग लेंगे

राष्ट्रीय राजधानी में छह जुलाई से शुरू होने वाले चार दिन के अंतरराष्ट्रीय खिलौना मेले में 300 से अधिक घरेलू कंपनियों और अमेरिका, जर्मनी और अन्य देशों के 100 से अधिक विदेशी खरीदारों के भाग लेने की उम्मीद है।

टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार गौतम ने बयान में कहा कि यहां प्रगति मैदान में आयोजित किए जा रहे मेले के दौरान 250 से अधिक भारतीय ब्रांड अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मेला

गौतम ने कहा कि 15वां टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी एक्सपो 2024 दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मेला है। उन्होंने कहा कि यह भारतीय खिलौना निर्माताओं के लिए अपने उत्पादों और क्षमताओं को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच है। इससे हमें नए ग्राहकों और भागीदारों को आकर्षित करने, हमारे खिलौनों की बाजार पहुंच का विस्तार करने और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, टॉय बिज़ उद्योग के खिलाड़ियों को एक-दूसरे से जुड़ने और नेटवर्क बनाने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है, जो सहयोग, साझेदारी और संयुक्त उद्यम को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

खिलौना उद्योग और निर्यात को बढ़ावा

आर्थिक थिंक टैंक जीटीआरआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश का खिलौना निर्यात 2023-24 में मामूली रूप से घटकर 152.34 मिलियन अमरीकी डॉलर रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 153.89 मिलियन अमरीकी डॉलर था। भारत ने 2020 से घटिया खिलौनों के आयात, खास तौर पर चीन से, पर अंकुश लगाने और घरेलू खिलौना उद्योग को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रिपोर्ट में भारत के खिलौना उद्योग को विकसित करने और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक व्यापक रणनीति प्रस्तावित की गई है। इसमें एक मजबूत घरेलू पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने, वैश्विक खिलौना ब्रांडों को भारत में निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने, चीन से सीखने और प्रमुख इनपुट के उत्पादन को स्थानीय बनाने जैसे कदम सुझाए गए हैं।

वैश्विक बाजार ने खिलौनों का आयात किया

वर्ष 2022 में वैश्विक बाजार ने लगभग 60.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के खिलौनों का आयात किया। इस बाजार पर अपना दबदबा कायम रखते हुए चीन ने 48.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के खिलौनों का निर्यात किया, जिससे वैश्विक निर्यात में 80 प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल हुई। वैश्विक खिलौना निर्यात बाजार में अन्य महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं में चेक गणराज्य शामिल है, जिसका निर्यात 3.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर, यूरोपीय संघ का 2.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर, वियतनाम का 1.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर और हांगकांग का 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। इसके विपरीत, वैश्विक खिलौना निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी न्यूनतम है, जो कुल 167 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, जो वैश्विक निर्यात का केवल 0.3 प्रतिशत है, जो इसे 27वें स्थान पर रखता है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 week ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

2 weeks ago