इंटरनेशनल नो डाइट डे 2025: इतिहास और महत्व

हर साल 6 मई को इंटरनेशनल नो डायट डे (International No Diet Day) मनाया जाता है। यह एक वैश्विक पहल है जिसका उद्देश्य शरीर की सकारात्मकता (body positivity), आत्म-स्वीकृति (self-acceptance) को बढ़ावा देना और हानिकारक डायट कल्चर को अस्वीकार करना है। 1992 में शुरू हुए इस आंदोलन का उद्देश्य मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना, शरीर की विविधता को स्वीकार करना और अत्यधिक डाइटिंग व वजन आधारित भेदभाव के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाना है।

क्यों है समाचारों में?

6 मई 2025 को इंटरनेशनल नो डायट डे मनाया गया। इस अवसर पर फैटफोबिया (fatphobia) को समाप्त करने, सौंदर्य के सामाजिक मानकों को चुनौती देने और समावेशी स्वास्थ्य पद्धतियों के महत्त्व को उजागर करने की अपील की गई। इस वर्ष विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य, “इंट्युटिव ईटिंग” (सहज भोजन) और बिना डाइटिंग के समर हेल्थ टिप्स पर ध्यान दिया गया।

इंटरनेशनल नो डायट डे के मुख्य उद्देश्य

  • डायटिंग और बॉडी शेमिंग के हानिकारक प्रभावों को चुनौती देना।

  • शरीर की विविधता को बढ़ावा देना और यह समझाना कि स्वास्थ्य हर आकार और आकार में संभव है।

  • विशेष रूप से युवाओं में खाने से संबंधित विकारों (Eating Disorders) के प्रति जागरूकता फैलाना।

  • सख्त डाइटिंग की जगह स्वस्थ और टिकाऊ जीवनशैली अपनाने को प्रोत्साहन देना।

  • फैटफोबिया, वजन आधारित भेदभाव और अवास्तविक सौंदर्य मानकों का विरोध करना।

पृष्ठभूमि

  • इसकी शुरुआत 1992 में ब्रिटिश नारीवादी और “डायट ब्रेकर्स” की संस्थापक मैरी इवांस यंग ने की थी।

  • उन्होंने स्वयं एनोरेक्सिया से जूझने के बाद इस आंदोलन की शुरुआत की ताकि लोग अपने शरीर को सम्मान और स्वीकृति दे सकें।

  • पहले यह केवल यूके में मनाया जाता था, लेकिन अब यह एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन बन चुका है।

महत्त्व

  • डाइटिंग के मानसिक और शारीरिक खतरों के बारे में जागरूकता फैलाता है।

  • आत्म-दया, सकारात्मक शरीर छवि और मीडिया साक्षरता को प्रोत्साहित करता है।

  • मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण आंदोलनों से जुड़ता है।

  • लोगों को ऊर्जा और आनंद के लिए स्वस्थ विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करता है, न कि केवल रूप-रंग के लिए।

बिना डाइटिंग के फिट रहने के सुझाव

  • संतुलित आहार लें: फल, सब्ज़ियाँ, अनाज, प्रोटीन और अच्छे वसा को शामिल करें।

  • माइंडफुल ईटिंग अपनाएं: भूख लगने पर खाएं, पेट भरने पर रुकें, खाने के समय ध्यान न भटकाएं।

  • हाइड्रेटेड रहें: विशेष रूप से गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना ज़रूरी है।

  • पौष्टिक स्नैक्स चुनें: दही, मेवे, फल—प्रोसेस्ड फूड की जगह।

  • नियमित व्यायाम करें: ऐसा व्यायाम चुनें जो आनंददायक और बनाए रखने योग्य हो।

गर्मियों के लिए बेहतरीन खाद्य पदार्थ

  • खीरा, तरबूज, बेरीज़: पानी की मात्रा अधिक, एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर।

  • दही: पाचन स्वास्थ्य में सहायक और ठंडक प्रदान करता है।

  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ: आसानी से पचने योग्य और पोषक तत्वों से भरपूर।

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vikash

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