कूटनीति में महिलाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2025

अंतरराष्ट्रीय महिला कूटनीति दिवस (International Day of Women in Diplomacy – IDWD) हर साल 24 जून को मनाया जाता है। यह दिन कूटनीति जैसे ऐतिहासिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने और उनके योगदान को स्वीकार करने के लिए मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2022 में अपने 76वें सत्र (प्रस्ताव संख्या A/RES/76/269) के दौरान इस दिन को आधिकारिक रूप से घोषित किया। यह दिन वैश्विक शासन, शांति प्रक्रिया और विदेश नीति में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की एक सशक्त पुकार है।

2025 की थीम:

“कूटनीति में महिलाओं की नेतृत्व क्षमता के सामने मौजूद संरचनात्मक बाधाओं को समाप्त करना”

इस वर्ष की थीम कूटनीति के क्षेत्र में महिलाओं को मिलने वाली सीमित नेतृत्व भूमिकाओं, लैंगिक पूर्वाग्रह, रूढ़ियों, राजनीतिक हिंसा और संस्थागत असमानताओं की ओर ध्यान दिलाती है। यह मांग करती है:

  • लैंगिक संतुलन वाले विदेश मंत्रालयों की स्थापना

  • यौन उत्पीड़न विरोधी और मेंटरिंग कार्यक्रमों की शुरुआत

  • राजनयिक पदों पर महिलाओं के लिए आरक्षण

  • कूटनीतिक संस्थानों में पैट्रिआर्की (पितृसत्तात्मक) ढांचे में सुधार

इतिहास और पृष्ठभूमि

  • घोषणा तिथि: 20 जून 2022

  • पहली बार मनाया गया: 24 जून 2023

  • घोषक संस्था: संयुक्त राष्ट्र, महिला-नेतृत्व वाली कूटनीतिक संस्थाओं और सदस्य राष्ट्रों के सहयोग से

पारंपरिक रूप से, कूटनीति को पुरुषों का क्षेत्र माना गया, विशेषकर शांति वार्ताओं और विदेश मामलों में।
लेकिन हाल के दशकों में महिला राजनयिकों, वार्ताकारों और नेताओं ने इस क्षेत्र की दिशा बदल दी है।

महत्वपूर्ण आँकड़े (जनवरी 2025 तक):

श्रेणी प्रतिशत / संख्या
महिला राष्ट्राध्यक्ष / शासनाध्यक्ष 25 देश
कैबिनेट पदों पर महिलाएं 22.9%
महिला शांति वार्ताकार (1992–2019) 13%
महिला मध्यस्थ 6%
शांति समझौते पर हस्ताक्षरकर्ता महिलाएं 6%
  • जागरूकता बढ़ाता है: कूटनीति से महिलाओं को बाहर रखने वाली प्रणालियों को उजागर करता है।

  • SDG 5 (लैंगिक समानता) और SDG 16 (शांति, न्याय और मजबूत संस्थान) को बढ़ावा देता है।

  • समावेशी कूटनीति को बढ़ाता है: महिलाएं अक्सर शांति, पुनर्संयोजन और बहुपक्षीय सहयोग में अग्रणी होती हैं।

  • सांस्कृतिक रूढ़ियों को चुनौती देता है: जैसे केवल “मुलायम मंत्रालयों” (जैसे संस्कृति, सामाजिक कल्याण) में ही महिलाओं को रखा जाए।

प्रेरक कथन

  • UN Women:
    “महिलाएं अब कूटनीति में केवल भाग नहीं ले रहीं, बल्कि वे घरेलू लैंगिक लक्ष्यों और वैश्विक कूटनीति के बीच पुल बन रही हैं।”

  • अमीना मोहम्मद, UN उप महासचिव:
    “कूटनीति अब केवल चंद लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि विविध आवाज़ों के ज़रिए शांति, न्याय और समानता का मंच बन रही है।”

वैश्विक लैंगिक एजेंडे में योगदान

महिलाएं कूटनीति के ज़रिए कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देती हैं:

  • SDG 5: लैंगिक समानता

  • SDG 16: शांति और न्याय

  • SDG 17: वैश्विक साझेदारी

साथ ही, राष्ट्रीय संसदें और अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मंच साथ मिलकर विदेश सेवाओं में महिलाओं के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित कर सकते हैं।

कैसे मनाया जा रहा है यह दिवस?

  • विदेश मंत्रालयों द्वारा पैनल चर्चाएं और उच्च स्तरीय बैठकें

  • UN Women और अन्य संगठनों द्वारा जन-जागरूकता अभियान

  • महिला राजनयिकों की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर उजागर करना

  • वर्कशॉप और मेंटरिंग कार्यक्रमों के ज़रिए भविष्य की महिला नेताओं को तैयार करना

आप क्या कर सकते हैं?

  • जागरूकता बढ़ाएं: महिला राजनयिकों की कहानियाँ साझा करें

  • शिक्षा लें और दें: वेबिनार और सेमिनार में भाग लें

  • सहयोग करें: विदेश नीति में रुचि रखने वाली महिलाओं और लड़कियों को मार्गदर्शन दें

  • वकालत करें: सरकारों से लैंगिक-संवेदनशील विदेश नीति अपनाने की अपील करें

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vikash

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