इंटरनेशनल डे ऑफ वुमन एंड गर्ल्स इन साइंस 2025: थीम, इतिहास और इसका महत्व

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस (IDWGS) हर वर्ष 11 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं और लड़कियों के विज्ञान में योगदान को मान्यता देने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की दिशा में वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है।

हालांकि महिलाओं और लड़कियों को साइंस के क्षेत्रों में शामिल करने के लिए कई पहल की गई हैं, लेकिन उनकी भागीदारी में एक अहम अंतर अभी भी मौजूद है। साल 2030 के लिए संयुक्त राष्ट्र लगातार डेवलपमेंट टारगेट भी साइंस में लैंगिक समानता को अपने एजेंडे के एक जरूरी कंपोनेंट के रूप में उजागर करते हैं। इस साल, दुनिया भर में इंटरनेशनल डे ऑफ वुमन एंड गर्ल्स इन साइंस असेंबली में हो रहा है।

इंटरनेशनल डे ऑफ वुमन एंड गर्ल्स इन साइंस: थीम

10वें इंटरनेशनल डे ऑफ वुमन एंड गर्ल्स इन साइंस का सब्जेक्ट है “विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों के करियर की खोज: विज्ञान में उनकी आवाज.” (Unpacking STEM Careers: Her Voice in Science.)। इस साल साइंस में महिलाओं और लड़कियों के इंटरनेशनल डे का फोकस रूढ़िवादिता को तोड़ने और लड़कियों के लिए रोल मॉडल को बढ़ावा देने की जरूरत पर होगा।

इस दिन का उद्देश्य

दुनिया भर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका की प्रशंसा करने के लिए महिलाओं और लड़कियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस मनाने का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। यूनेस्को की वैश्विक प्राथमिकता लैंगिक समानता है, जो शिक्षा में लड़कियों का समर्थन करना और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करना है।

इंटरनेशनल डे ऑफ वुमन एंड गर्ल्स इन साइंस: इतिहास और महत्व

संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 11 फरवरी को विज्ञान में महिलाओं और लड़कियों का इंटरनेशनल डे घोषित किया। इस दिन को लैंगिक समानता के उद्देश्य को प्राप्त करने और साइंटिस्ट, टेक्नोलॉजी और मैथमेटिकल स्टडीज में लड़कियों और महिलाओं के लिए पहुंच प्रदान करने के लिए मनाया जाता है। हायर एजुकेशन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बावजूद, वे अभी भी इन क्षेत्रों में अंडर रिप्रेजेंटेड हैं।

इसलिए आज के समय में यह जरूरी हो गया है कि लोग साइंस एंड टेक्नोलॉजी में महिलाओं द्वारा दिए गए योगदान को देखें और दूसरों को भी इसी तरह का करियर चुनने के लिए मोटिवेट करें। इसके अलावा, यह टेक्नोलॉजी और साइंटिस्ट सब्जेक्ट में गहरी रुचि रखने वाली महिलाओं और लड़कियों को भी सहायता प्रदान करता है।

 

 

 

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vikash

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