फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 2024: 29 नवंबर

फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता के अंतर्राष्ट्रीय दिवस हर साल 29 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन 1977 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा स्थापित किया गया था ताकि फिलिस्तीनी लोगों के अविच्छेद्य अधिकारों को उजागर किया जा सके और क्षेत्र में शांति प्राप्त करने के लिए समर्थन को बढ़ावा दिया जा सके।

यह दिन अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को न्याय, मानवाधिकार, और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करने की जिम्मेदारी की याद दिलाता है, क्योंकि फिलिस्तीनी लोग अब भी कब्जे और विस्थापन का सामना कर रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

29 नवंबर का चयन प्रतीकात्मक है। 1947 में इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 181 (पार्टीशन प्लान) पारित किया था, जिसमें स्वतंत्र अरब और यहूदी राज्यों के निर्माण की सिफारिश की गई थी और यरुशलम को अंतर्राष्ट्रीय प्रशासन के तहत रखा गया था। हालांकि, पार्टीशन प्लान पूरी तरह से लागू नहीं हो सका, और फिलिस्तीनी राज्य के लिए संघर्ष अभी भी जारी है।

इस दिन का महत्व

  • जागरूकता बढ़ाना: यह दिन फिलिस्तीनियों के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे विस्थापन, राज्य की कमी और संघर्षों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर है।
  • वैश्विक एकजुटता: दुनियाभर में आयोजित कार्यक्रम इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
  • अधिकारों के लिए वकालत: यह दिन आत्मनिर्णय, राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता के अधिकारों पर जोर देता है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा फिलिस्तीन का समर्थन

  • UNRWA: संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आवास जैसी आवश्यक सेवाएं प्रदान करता है।
  • समिति प्रयास: फिलिस्तीनी लोगों के अविच्छेद्य अधिकारों के प्रयोग की समिति संघर्ष के न्यायपूर्ण समाधान के लिए काम करती है।
  • प्रमुख पहल:
    • संवाद और शांति वार्ता को बढ़ावा देना।
    • अंतर्राष्ट्रीय कानून और प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करना।

फिलिस्तीनियों के सामने चुनौतियां

  • मानवाधिकार उल्लंघन: संघर्षों ने विस्थापन और जीवन की हानि जैसे कई मानवाधिकार मुद्दे उत्पन्न किए हैं।
  • आर्थिक कठिनाई: नाकेबंदी और प्रतिबंधों ने फिलिस्तीनी अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
  • राज्य का अभाव: अंतर्राष्ट्रीय मान्यता के बावजूद, राजनीतिक और क्षेत्रीय विवादों के कारण फिलिस्तीन को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त नहीं हो सका है।

इस दिन का आयोजन कैसे किया जाता है

  • विशेष बैठकें: संयुक्त राष्ट्र निकाय फिलिस्तीन की स्थिति और उसके लोगों की समस्याओं पर चर्चा करते हैं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: फिलिस्तीनी इतिहास और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
  • शैक्षिक गतिविधियां: कार्यशालाएं और संगोष्ठियां फिलिस्तीनी मुद्दे और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जागरूकता बढ़ाती हैं।

शांति के लिए आह्वान

फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस सिर्फ स्मरण का नहीं, बल्कि आशा का भी प्रतीक है। यह दिन संवाद, सह-अस्तित्व और दशकों पुराने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता को रेखांकित करता है। संयुक्त राष्ट्र सभी देशों से दो-राज्य समाधान का समर्थन करने और फिलिस्तीनियों और इजरायलियों के लिए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करता है।

समाचार का सारांश

पहलू विवरण
तारीख 29 नवंबर
स्थापना द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)
शुरुआत का वर्ष 1977
प्रतीकात्मक संबंध 29 नवंबर 1947 को UNGA प्रस्ताव 181 (फिलिस्तीन के लिए पार्टीशन प्लान) पारित किया गया।
उद्देश्य फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन करना और आत्मनिर्णय व राज्य निर्माण के संघर्ष को उजागर करना।
महत्व – फिलिस्तीनी मुद्दे पर वैश्विक जागरूकता बढ़ाना।
– शांतिपूर्ण समाधान और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता की वकालत करना।
संयुक्त राष्ट्र निकाय – संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (UNRWA)।
– फिलिस्तीनी लोगों के अविच्छेद्य अधिकारों के प्रयोग की समिति।
फिलिस्तीनियों की चुनौतियां – मानवाधिकार उल्लंघन।
– नाकेबंदी के कारण आर्थिक कठिनाई।
– राज्य का अभाव।
मनाने के तरीके – विशेष बैठकें और चर्चाएं।
– सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शनियां।
– शैक्षिक गतिविधियां।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

20 hours ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

20 hours ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

21 hours ago

रेलवे हुआ स्मार्ट! शिकायत निवारण और भीड़ प्रबंधन के लिए एआई-सक्षम ऐप्स की शुरुआत

भारतीय रेलवे ने शिकायत निवारण, टिकट कन्फर्मेशन की भविष्यवाणी, हाउसकीपिंग सेवाओं और भीड़ प्रबंधन को…

21 hours ago

मेड इन इंडिया: नड्डा ने कसौली सेंटर में स्वदेशी टीडी वैक्सीन लॉन्च की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट में देश…

21 hours ago