अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2025: थीम, महत्व और वैश्विक कार्यक्रम

हर वर्ष 1 अक्टूबर को विश्व अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस (International Day of Older Persons) मनाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1990 में अपनाए गए संकल्प 45/106 के तहत घोषित किया था। इस दिन का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के समाज में महत्व को उजागर करना और उनके अधिकार, सम्मान और कल्याण की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना है।

2025 का थीम

2025 में इस दिवस का थीम है “Older Persons Driving Local and Global Action: Our Aspirations, Our Well-Being and Our Rights”, जो इस बात पर जोर देता है कि वरिष्ठ नागरिक केवल देखभाल के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं हैं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति के सक्रिय प्रेरक हैं।

थीम का विवरण:

  • स्वास्थ्य समानता: अनुभव साझा कर स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना।

  • वित्तीय कल्याण: वित्तीय समावेशन और अंतर-पारिवारिक स्थिरता को बढ़ावा देना।

  • सामुदायिक लचीलापन: संकट के समय परिवार और समुदायों के स्तंभ के रूप में कार्य करना।

  • मानवाधिकारों की वकालत: सम्मान, अधिकार और समावेशिता को बढ़ावा देना।

यह Madrid International Plan of Action on Ageing (MIPAA, 2002) के उद्देश्यों के साथ भी मेल खाता है, जो वैश्विक वृद्धावस्था नीतियों की नींव है।

हाल की प्रगति: मानवाधिकार मील का पत्थर

अप्रैल 2025 में, UN Human Rights Council ने संकल्प 58/13 अपनाया, जिसे 81 सदस्य राज्यों ने समर्थन दिया। इसने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों पर एक कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज तैयार करने के लिए एक खुला कार्य समूह स्थापित किया।

यह एक ऐतिहासिक कदम है, जो वरिष्ठ नागरिकों को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि अधिकार-धारक और वैश्विक नीति में बदलाव लाने वाले के रूप में मान्यता देता है।

महत्व: जनसांख्यिकीय बदलाव

  • 1980 में 65 वर्ष से ऊपर की आबादी: 260 मिलियन

  • 2021 में यह संख्या: 761 मिलियन (तीन गुना वृद्धि)

  • 2050 तक, वरिष्ठ नागरिक दुनिया की जनसंख्या का लगभग 17% होंगे।

  • अधिकांश वृद्धि विकासशील देशों में होगी, जहाँ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली कमजोर है।

यह तेजी से बढ़ती जनसंख्या वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आयु-मैत्रीपूर्ण वातावरण के लिए नीतियाँ बनाने को अत्यंत आवश्यक बनाती है।

दिवस की पृष्ठभूमि

  • 1982: वृद्धावस्था पर प्रथम विश्व सभा में वियना अंतर्राष्ट्रीय कार्य योजना को अपनाया गया।
  • 1990: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस घोषित किया।
  • 1991: वृद्धजनों के लिए संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत (संकल्प 46/91) को अपनाया गया।
  • 2002: वृद्धावस्था पर द्वितीय विश्व सभा में मैड्रिड अंतर्राष्ट्रीय कार्य योजना (MIPAA) को अपनाया गया।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 week ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

1 month ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago