Categories: Imp. days

अंतर्राष्ट्रीय चैरिटी दिवस 2023: इतिहास और महत्व

हर साल 5 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय दान दिवस यानी इंटरनेशनल चैरिटी डे मनाया जाता है। इस दिन भारत में शिक्षक दिवस भी मनाया जाता है। इसे सबसे पहली बार हंगरी में मनाया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2012 में हर साल 5 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय दान दिवस मनाने की घोषणा की। उस समय से हर साल 5 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय दान दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करना है। इसके लिए दान दिया जाता है। भारत में दान की प्रथा प्राचीन काल से है।

 

इस दिन को स्वयंसेवी और लोक-हितैषी कार्यक्रमों के माध्यम से दूसरों की मदद करने के लिए दुनिया भर के लोगों, गैर सरकारी संगठनों और हितधारकों को संवेदनशील बनाने और जुटाने के लिए मनाया जाता है। साथ ही यह दिन मानवीय संकटों और राष्ट्रों के भीतर और मानवीय पीड़ा को कम करने में दान द्वारा निभाई जाने भूमिका को भी चिन्हित करने के लिए मनाया जाता है।

 

इस दिन का उद्देश्य:

अंतर्राष्ट्रीय चैरिटी दिवस का मुख्य उद्देश्य स्थानीय, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यक्तियों, धर्मार्थ, परोपकारी और स्वयंसेवी संगठनों के लिए दुनिया भर में चैरिटी से संबंधित गतिविधियों के लिए जागरूकता बढ़ाना और एक साझा मंच प्रदान करना है।

 

इंटरनेशनल चैरिटी डे का महत्व

अंतरराष्ट्रीय दान दिवस का उद्देश्य केवल और केवल जरूरतमंदों की मदद करना और गरीबी हटाना है। इसके लिए यूनिसेफ ने एक संकल्प भी पारित किया है। इस संकल्प पत्र के अनुसार, 2030 तक दुनिया को गरीबी से मुक्त करना है।

 

कैसे मनाया जाता है इंटरनेशनल चैरिटी डे?

इस दिन संयुक्त राष्ट्र सभी सदस्य राष्ट्रों, विभिन्न संगठनों और दुनियाभर के लोगों ये यह अपील करता है कि वो भी दान में अपना योगदान देकर इंटरनेशनल चैरिटी डे बनने के मकसद को सफल बनाएं। इस दिन चैरिटी के महत्व को समझाया जाता है और लोगों को दान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

 

इंटरनेशनल चैरिटी डे का इतिहास

संयुक्त राष्ट्र ने 05 सितंबर को कलकत्ता में हुए मदर टेरेसा के निधन की वर्षगांठ को चिन्हित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय चैरिटी दिवस के रूप में घोषित किया था। 5 सितंबर को मदर टेरेसा की पुण्यतिथि मनाने के लिए चुना गया था, जो हमेशा धर्मार्थ कार्यों में लगी रहीं। मदर टेरेसा को 1979 में “गरीबी और संकट” से उबरने के संघर्ष में किए गए काम के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। साल 2012 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इंटरनेशनल चैरिटी डे की आधिकारिक तौर पर घोषणा की, जिसका समर्थन सभी देशों ने किया।

 

Find More Important Days Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

Kar Saathi से इनकम टैक्स भरना होगा आसान, जानें कैसे

भारत के आयकर विभाग ने ‘कर साथी’ नाम से एक नया प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है।…

11 mins ago

मूडीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की GDP वृद्धि अनुमानों को घटाकर 6% कर दिया

वैश्विक रेटिंग एजेंसी Moody's Ratings ने भारत की इकोनॉमी की वृद्धि के अनुमान को 6.8…

28 mins ago

Chetak Screen Awards 2026: किसने मारी बाज़ी? जानिए सभी विजेताओं की पूरी सूची

भारतीय सिनेमा के लिए रविवार (05 अप्रैल 2026) की रात बेहद खास बन गई, जब…

2 hours ago

BRO का प्रोजेक्ट चेतक 47 साल का हुआ: इसने भारत के सीमावर्ती इंफ्रास्ट्रक्चर को कैसे मज़बूत किया

सीमा सड़क संगठन के 'प्रोजेक्ट चेतक' ने बीकानेर में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। यह…

3 hours ago

विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस 6 अप्रैल को मनाया गया

विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस (IDSDP) हर साल 6 अप्रैल को दुनिया…

5 hours ago

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

2 days ago