अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस हर वर्ष 5 मार्च को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं के बीच निरस्त्रीकरण से जुड़े मुद्दों के बारे में वैश्विक समझ को बढ़ावा देना है। इसे United Nations द्वारा स्थापित किया गया है। यह दिवस इस बात पर प्रकाश डालता है कि हथियार नियंत्रण (Arms Control) और अप्रसार (Non-Proliferation) अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1945 में अपनी स्थापना के बाद से संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध को रोकने और वैश्विक संघर्ष को कम करने के लिए बहुपक्षीय निरस्त्रीकरण और हथियारों की सीमा निर्धारण को अपने मिशन का प्रमुख हिस्सा बनाया है।
इस अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा United Nations General Assembly के प्रस्ताव A/RES/77/51 के माध्यम से की गई थी। इस प्रस्ताव में निम्न संस्थाओं और समूहों से निरस्त्रीकरण के बारे में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया गया है—
इनसे अपेक्षा की जाती है कि वे शिक्षा और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को निरस्त्रीकरण के महत्व से अवगत कराएँ। इसका मुख्य उद्देश्य यह समझ बढ़ाना है कि निरस्त्रीकरण शांति निर्माण और सतत विकास को कैसे मजबूत बनाता है।
1. व्यापक विनाश के हथियार (WMDs)
परमाणु हथियार अपनी विनाशकारी शक्ति के कारण आज भी सबसे बड़ी चिंता बने हुए हैं। इनके उपयोग की संभावना मानवता के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए परमाणु अप्रसार के प्रयासों का उद्देश्य है—
2. पारंपरिक हथियार और अवैध हथियार व्यापार
परमाणु हथियारों के अलावा पारंपरिक हथियारों का अत्यधिक भंडारण और छोटे हथियारों का अवैध व्यापार भी कई क्षेत्रों में अस्थिरता पैदा करता है। आबादी वाले क्षेत्रों में विस्फोटक हथियारों के उपयोग से—
3. उभरती हथियार तकनीक
नई तकनीकों जैसे स्वायत्त हथियार प्रणालियाँ (Autonomous Weapon Systems) वैश्विक स्तर पर नैतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ पैदा कर रही हैं। ये प्रणालियाँ बिना सीधे मानव नियंत्रण के काम कर सकती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और वैश्विक शासन के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न होती हैं।
शांति और सुरक्षा में निरस्त्रीकरण की भूमिका
निरस्त्रीकरण कई तरीकों से वैश्विक शांति को मजबूत करता है—
खतरनाक हथियारों के प्रसार और उपयोग को सीमित करके वैश्विक सुरक्षा ढाँचा अधिक मजबूत और स्थिर बनता है।
यह अंतरराष्ट्रीय दिवस युवाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व देता है। युवाओं में जागरूकता से—
5 मार्च को दुनिया भर में शैक्षणिक अभियान, सेमिनार, वाद-विवाद और डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि निरस्त्रीकरण और वैश्विक शांति के महत्व को व्यापक रूप से समझाया जा सके।
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