2019 से हर साल 22 अगस्त को धर्म या विश्वास के आधार पर हिंसा के कृत्यों के पीड़ितों की याद में अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day Commemorating the Victims of Acts of Violence Based on Religion or Belief) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य धर्म या विश्वास के आधार पर या उसके आधार पर बुरे कामों के पीड़ितों और बचे लोगों को याद करना है।
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इतिहास:
पोलैंड (Poland) द्वारा प्रस्तावित 28 मई 2019 को 73 वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में इस दिन को अपनाया गया था। यह जागरूकता फैलाता है कि अंतर्राष्ट्रीय समुदायों को अपराधियों को जवाबदेह ठहराकर और सरकारों को यह प्रदर्शित करते हुए कि नरसंहार या अन्य अत्याचारों को ‘फिर कभी नहीं (never again)’ सहन करने के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए, पिछले दुर्व्यवहारों से बचे लोगों के लिए न्याय प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
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