भारतीय नौसेना में शामिल हुआ सबसे बड़ा सर्वे शिप ‘इक्षक’, जानें इसकी खासियत

भारतीय नौसेना ने 6 नवम्बर 2025 को कोच्चि नौसैनिक अड्डे पर सर्वे वेसल लार्ज (SVL) श्रेणी के तीसरे पोत आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया। यह भारत की समुद्री अवसंरचना और आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण क्षमताओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल के अंतर्गत डिजाइन और निर्मित यह पोत नौसेना की हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (Hydrographic Surveys), आपदा राहत (Disaster Relief) और रणनीतिक समुद्री अभियानों (Strategic Maritime Operations) में क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है।

एसवीएल श्रेणी : एक रणनीतिक संपत्ति

एसवीएल (Survey Vessel Large) परियोजना वर्ष 2018 में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता के साथ हुए अनुबंध के तहत शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य चार बड़े सर्वे पोतों का निर्माण करना है। ये जहाज़ गहरे समुद्री और तटीय सर्वेक्षण (Deep-water and Coastal Surveys) करने, नौवहन मार्गों का मानचित्रण (Mapping Navigational Routes) तथा रक्षा और नागरिक उपयोग के लिए आवश्यक महासागरीय डेटा (Oceanographic Data) एकत्रित करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

आईएनएस संध्याक (INS Sandhayak) और आईएनएस निर्देशाक (INS Nirdeshak) इस श्रेणी के पहले दो पोत हैं जिन्हें पहले ही नौसेना में सम्मिलित किया जा चुका है। आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) के शामिल होने से नौसेना अपने नियोजित एसवीएल बेड़े (SVL Fleet) को पूरा करने के और निकट पहुँच गई है, जिससे समुद्री मार्गों की सुरक्षा और समुद्री अवसंरचना के विकास में उसकी क्षमता और अधिक सुदृढ़ हुई है।

आईएनएस इक्षक की प्रमुख विशेषताएँ

आईएनएस इक्षक (INS Ikshak) अपनी उन्नत क्षमताओं और आधुनिक डिजाइन के कारण विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो भारतीय नौसेना की बदलती समुद्री आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह पोत नौसैनिक अभियानों में उच्च दक्षता, सटीकता और विश्वसनीयता प्रदान करता है।

तकनीकी विनिर्देश 

  • विस्थापन (Displacement): लगभग 3,400 टन

  • लंबाई (Length): 110 मीटर

  • गति (Speed): 18 नॉट्स से अधिक, जो डीज़ल इंजनों और द्वि-शाफ्ट प्रणोदन प्रणाली (Dual-shaft Propulsion System) द्वारा संचालित है

  • नियंत्रण क्षमता (Maneuverability): बो (Bow) और स्टर्न (Stern) थ्रस्टर्स से सुसज्जित, जिससे सर्वेक्षण के दौरान सटीक दिशा नियंत्रण संभव होता है

परिचालन क्षमताएँ

  • द्वि-भूमिका कार्य (Dual-role Function):
    यह पोत सर्वे वेसल के रूप में कार्य करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief – HADR) प्लेटफ़ॉर्म या अस्पताल पोत (Hospital Ship) में परिवर्तित किया जा सकता है।

  • प्रौद्योगिकी प्रणाली (Technology Suite):
    इसमें अत्याधुनिक स्वायत्त जल-नीचे वाहन (Autonomous Underwater Vehicles – AUVs), दूर से संचालित वाहन (Remotely Operated Vehicles – ROVs), साइड-स्कैन सोनार (Side-scan Sonar) तथा महासागरीय प्रणालियाँ (Oceanographic Systems) शामिल हैं, जो समुद्र तल का सटीक मानचित्रण करने में सक्षम बनाती हैं।

  • दल-सुविधा (Crew Comfort):
    यह पहला SVL पोत है जिसमें महिला नौसैनिकों के लिए समर्पित आवास (Dedicated Accommodation) की व्यवस्था की गई है, जिससे नौसेना में लैंगिक समावेशन (Gender Inclusivity) को प्रोत्साहन मिलता है।

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vikash

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