
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में 4 प्रतिशत के स्तर से नीचे आ गई और यह 3.85 प्रतिशत दर्ज की गई। जनवरी में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 4.73 प्रतिशत थी। यह जनवरी 2021 के बाद सबसे कम है जब थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 2.51 प्रतिशत थी।
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थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में गिरावट के पीछे का कारण:
जारी आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में मुद्रास्फीति की दर में गिरावट मुख्य रूप से कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, गैर-खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों, खनिजों, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल उत्पादों, रसायन और रासायनिक उत्पादों, विद्युत उपकरणों और मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलरों की कीमतों में गिरावट के कारण है।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई): खाद्य सूचकांक:
- प्राथमिक वस्तु समूह से ‘खाद्य वस्तुओं’ और विनिर्मित उत्पाद समूह से ‘खाद्य उत्पाद’ से युक्त खाद्य सूचकांक जनवरी 2023 में 171.2 से बढ़कर फरवरी 2023 में 171.3 हो गया है।
- थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर जनवरी 2023 के 2.95 प्रतिशत से घटकर फरवरी 2023 में 2.76 प्रतिशत रह गई। प्राथमिक वस्तुओं के लिए मुद्रास्फीति की दर घटकर 3.28 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले महीने 3.88 प्रतिशत थी।
- फरवरी 2023 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) में महीने दर महीने बदलाव जनवरी 2023 की तुलना में 0.20 प्रतिशत रहा। फरवरी 2022 में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दर 13.43 प्रतिशत थी।
थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई): कच्चा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस:
- कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की मुद्रास्फीति फरवरी में 14.47 प्रतिशत रही जो जनवरी में 23.79 प्रतिशत थी।
- ईंधन और बिजली मुद्रास्फीति घटकर 14.82 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले महीने 15.15 प्रतिशत थी। विनिर्मित उत्पादों की मुद्रास्फीति फरवरी में 1.94 प्रतिशत रही जो जनवरी में 2.99 प्रतिशत थी।



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