केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में 4,000% की वृद्धि हुई है। नई दिल्ली में भारत ऊर्जा भंडारण सप्ताह (IESW) में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि देश 227 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन तक पहुँच गया है और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की राह पर है। यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है।
IESW 2025 कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत शायद पहला G20 देश होगा जो पेरिस समझौते में तय किए गए जलवायु लक्ष्यों को समय से पहले पूरा कर लेगा। उन्होंने सौर पैनल निर्माण में हुई बड़ी प्रगति की सराहना की और बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत की सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता 38 गुना और सोलर सेल निर्माण क्षमता 21 गुना बढ़ी है। उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना का भी ज़िक्र किया, जिसका लक्ष्य 1 करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर पैनल से जोड़ना है। इसके अलावा, पीएम कुसुम योजना की सफलता को भी रेखांकित किया गया, जो किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। इन पहलों से यह स्पष्ट होता है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरित ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
पीयूष गोयल ने नवीकरणीय ऊर्जा को 24×7 सपोर्ट देने के लिए ऊर्जा भंडारण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बैटरियों, पंप्ड स्टोरेज, और हाइड्रो सिस्टम्स की भूमिका स्वच्छ ऊर्जा को लगातार उपलब्ध कराने में बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ₹1 लाख करोड़ का नवाचार कोष (Innovation Fund) मंजूर किया है, जो सॉलिड-स्टेट और हाइब्रिड बैटरी जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों में अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा। सरकार ने उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI) भी शुरू की है, जिसका उद्देश्य एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (ACC) के निर्माण को भारत में बढ़ावा देना है।
मंत्री ने उद्योगों से आग्रह किया कि वे ऐसी लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाएं जो किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भर न हों। उन्होंने ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र के हर पहलू — जैसे कच्चे माल, बैटरी रीसायक्लिंग, सेमीकंडक्टर, और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर — के विकास की बात कही। उन्होंने कहा कि इस समग्र विकास से भारत ऊर्जा आत्मनिर्भर बनेगा और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में उभरेगा। उन्होंने उद्योग, शोधकर्ता और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक एक वार्षिक आयोजन है जो ऊर्जा, बैटरी, ई-मोबिलिटी, और हरित हाइड्रोजन क्षेत्रों के नेताओं को एक मंच पर लाता है। इस वर्ष का कार्यक्रम यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा समाधान, नई तकनीकें, और सरकारी नीतियों को प्रदर्शित किया गया। श्री गोयल ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन सीखने और सहयोग का एक शानदार अवसर प्रदान करता है, जो भारत को 2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]लॉस एंजिलिस में आयोजित 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए 90 वर्ष की आयु…
भारत की कर संग्रहण स्थिति 2026 की शुरुआत में मजबूत बनी हुई है। जनवरी 2026…
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ( Air Marshal Inderpal Singh Walia ) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी…
केंद्र और राज्यों के बीच धन के बंटवारे ने एक नए चरण में प्रवेश कर…
भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में गुजरात ने बड़ी बढ़त हासिल की है। 31 दिसंबर…
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…