Henley & Partners द्वारा जारी हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 ने भारतीय यात्रियों के लिए एक चौंकाने वाला अपडेट प्रस्तुत किया है। भले ही भारत के पासपोर्ट की कुल वीज़ा-फ्री पहुंच में हल्की गिरावट दर्ज की गई हो, फिर भी वैश्विक रैंकिंग में यह 10 स्थान ऊपर पहुंच गया। यह बदलाव दर्शाता है कि पासपोर्ट की ताकत का आकलन पूर्ण (absolute) संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि अन्य देशों की तुलना में सापेक्ष (relative) स्थिति के आधार पर किया जाता है। दुनिया भर में वीज़ा नीतियों में छोटे-छोटे बदलाव भी रैंकिंग पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं, जिससे वैश्विक गतिशीलता और यात्रा स्वतंत्रता के संदर्भ में देशों की स्थिति बदल जाती है।
Henley & Partners द्वारा प्रकाशित हेनली पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्टों को 227 वैश्विक गंतव्यों तक उनकी पहुंच के आधार पर रैंक करता है। यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के आधिकारिक डाटा पर आधारित होती है।
इस सूचकांक में निम्न प्रकार की यात्रा सुविधाओं को शामिल किया जाता है —
यदि किसी देश की यात्रा के लिए प्रस्थान से पहले पूर्ण ई-वीज़ा आवेदन जैसी पूर्व स्वीकृति आवश्यक हो, तो उस गंतव्य के लिए शून्य अंक दिए जाते हैं।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत के प्रदर्शन को इस प्रकार समझा जा सकता है —
भारत को एक नया वीज़ा-फ्री गंतव्य The Gambia मिला, लेकिन दो देशों — Iran और Bolivia — की सुविधा समाप्त हो गई।
इस प्रकार, कुल गंतव्यों की संख्या में 2025 की तुलना में शुद्ध (नेट) कमी दर्ज हुई, फिर भी अन्य देशों की रैंकिंग में बदलाव के कारण भारत वैश्विक सूची में ऊपर चढ़ने में सफल रहा। यह दर्शाता है कि पासपोर्ट रैंकिंग सापेक्ष तुलना पर आधारित होती है, न कि केवल कुल गंतव्यों की संख्या पर।
ईरान
बोलीविया
गाम्बिया एडिशन – आंशिक रिकवरी
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स एक सापेक्ष (Relative) रैंकिंग प्रणाली है, न कि पूर्ण (Absolute) प्रणाली।
इसे एक कक्षा के उदाहरण से समझा जा सकता है —
साल 2026 में कई देशों की वीज़ा नीतियों में बदलाव हुए। कुछ देशों ने भारत से अधिक वीज़ा-फ्री पहुंच खो दी। इसी कारण, भले ही भारत के वीज़ा-फ्री गंतव्यों की संख्या थोड़ी कम हुई, फिर भी भारत 75वें स्थान तक पहुंच गया।
भारत अपनी रैंक उन देशों के साथ साझा करता है जिनका वैश्विक गतिशीलता (Mobility) स्कोर समान है।
भारतीय पासपोर्ट धारक वर्तमान में —
हर डेस्टिनेशन को 1 पॉइंट माना जाता है अगर,
कुल पॉइंट्स मोबिलिटी स्कोर तय करते हैं, जो ग्लोबल रैंक तय करता है।
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