
भारतीय शेयर बाजार ने पूंजीकरण के मामले में एक और रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। भारत का बाजार पूंजीकरण हाल ही में 5 लाख करोड़ डॉलर के स्तर को छू गया। देसी बाजारों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह महीने से भी कम समय में बाजार पूंजीकरण में 1 लाख करोड़ डॉलर जोड़े हैं। भारत इस उपलब्धि के साथ ही अमेरिका, चीन और जापान जैसे 5 लाख करोड़ डॉलर बाजार पूंजीकरण वाले दुनिया के दिग्गज बाजारों में शामिल हो गया है।
हालांकि बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर बंद भाव के अनुसार, भारत का बाजार पूंजीकरण (बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार मूल्य) 4.97 लाख करोड़ डॉलर यानी 414.6 लाख करोड़ रुपये रहा। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण बढ़कर 4.93 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब 411 लाख करोड़ रुपये हो गया।
NSE अपेक्षाकृत बड़ा एक्सचेंज
NSE अपेक्षाकृत बड़ा एक्सचेंज है, मगर उस पर कुछ ही कंपनियां सूचीबद्ध हैं। भारत का बाजार पूंजीकरण मार्च 2023 के अपने निचले स्तर के मुकाबले 60 फीसदी से अधिक बढ़ चुका है जो अधिकतर प्रमुख बाजारों के मुकाबले अधिक है। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के शानदार प्रदर्शन से बाजार पूंजीकरण को बल मिला।
देश का बाजार पूंजीकरण
भारत का बाजार पूंजीकरण बनाम सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अनुपात (12 महीनों के जीडीपी के आधार पर) बढ़कर 154 फीसदी हो गया। नवंबर 2023 में यह अनुपात 120 फीसदी रहा था जब देश का बाजार पूंजीकरण पहली बाजर 4 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंचा था।
भारत का बाजार पूंजीकरण जब 50 करोड़ डॉलर, 1 लाख करोड़ डॉलर और 2 लाख करोड़ डॉलर के स्तर पर पहुंचा था तो बाजार पूंजीकरण बनाम जीडीपी (mcap vs GDP) अनुपात 100 के दायरे में रहा था जिसे उचित मूल्य समझा जाता है। हाल के वर्षों में सूचीबद्ध कई बड़ी कंपनियों ने भी भारत के बाजार पूंजीकरण को रफ्तार दी है।
HPCL-(Jr. Executive & Executive) | Electrical Engineering - Online Live Class by Adda247Rs 1,529.44Enroll Now
HPCL-(Jr. Executive & Executive) | Mechanical Engineering - Online Live+Recorded Classes by Adda247Rs 1,529.44Enroll Now
Railway Mahapack (RRB NTPC, RPF Constable & SI, ALP, Group D, Technician)Rs 1,143.12Enroll Now
भारत के बाजार पूंजीकरण में शानदार वृद्धि
भारत के बाजार पूंजीकरण में शानदार वृद्धि ने वैश्विक मंच पर उसका प्रभाव भी बढ़ा दिया है। इससे विदेशी निवेशकों, विशेष तौर पर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) के जरिये निवेश करने वालों से अधिक निवेश हासिल करने में मदद मिली है। भारत अब MSCI EM सूचकांक पर चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। उसका भारांश (वेटेज) अब करीब 19 फीसदी हो चुका है जो 2018 में महज 8.2 फीसदी था।





क्या आप जानते ह...
भारत का कौन-सा श...
भारत का पहला पू...


