आवास मूल्य सूचकांक 2024-25 की चौथी तिमाही में 3.1 प्रतिशत बढ़ा: RBI

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बताया है कि वित्त वर्ष 2024–25 की चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च) में अखिल भारतीय आवास मूल्य सूचकांक (HPI) में साल-दर-साल आधार पर 3.1% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर पिछली तिमाही के समान है, हालांकि यह पिछले वर्ष की समान तिमाही में दर्ज 4.1% वृद्धि की तुलना में थोड़ी कम है।

यह क्यों चर्चा में है?

RBI द्वारा जारी की गई यह त्रैमासिक रिपोर्ट शहरी आवास बाज़ार की दिशा को समझने के लिए नीतिनिर्माताओं, बैंकों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क है।

डेटा स्रोत और कवरेज

RBI का HPI उन दस प्रमुख भारतीय शहरों के संपत्ति पंजीकरण डेटा पर आधारित है, जो प्रामाणिक बाज़ार मूल्य रुझानों को दर्शाता है:

  • अहमदाबाद

  • बेंगलुरु

  • चेन्नई

  • दिल्ली

  • जयपुर

  • कानपुर

  • कोच्चि

  • कोलकाता

  • लखनऊ

  • मुंबई

तिमाही दर तिमाही (QoQ) रुझान: राष्ट्रीय स्तर पर वृद्धि

Q4 FY25 में राष्ट्रीय औसत घर की कीमतों में 0.9% की वृद्धि दर्ज की गई। यह सीमित लेकिन सकारात्मक वृद्धि दर्शाती है कि शहरी केंद्रों में आवासीय मांग बनी हुई है।

जिन शहरों में QoQ वृद्धि सबसे ज़्यादा रही:

  • बेंगलुरु

  • जयपुर

  • कोलकाता

  • चेन्नई

इन शहरों में स्थानीय मांग शहरीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और बढ़ती आय जैसे कारकों से मजबूत बनी हुई है।

शहर-वार वार्षिक वृद्धि: क्षेत्रीय भिन्नताएं

सालाना आधार पर कीमतों में वृद्धि ने क्षेत्रीय स्तर पर स्पष्ट अंतर दर्शाया:

  • कोलकाता ने 8.8% की वृद्धि के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया।

  • बेंगलुरु, जयपुर और चेन्नई में भी अच्छी वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।

  • केवल कोच्चि में 2.3% की गिरावट देखी गई, जो स्थानीय मांग में कमजोरी या अधिक आपूर्ति की ओर संकेत करता है।

यह भिन्नता दर्शाती है कि स्थान-विशेष कारक जैसे रोज़गार केंद्र, बुनियादी ढांचा खर्च, और शहरी नियोजन नीतियाँ मूल्य वृद्धि को प्रभावित करते हैं।

बाज़ार पर असर और भविष्य की दिशा

3.1% की स्थिर वार्षिक वृद्धि यह दर्शाती है कि भारत का आवासीय क्षेत्र धीरे-धीरे और संतुलित रूप से पुनः पटरी पर लौट रहा है। यह संकेत देता है:

  • उपभोक्ता भावना मजबूत बनी हुई है, विशेषकर टियर-1 शहरों में

  • मुद्रास्फीति नियंत्रित और ब्याज दरें स्थिर होने से किफायती आवास को बढ़ावा

  • महामारी के बाद घर के स्वामित्व की मांग में वृद्धि, जिससे आवास सुरक्षा को प्राथमिकता मिली

डेवलपर्स और वित्तीय संस्थानों के लिए संकेत

  • रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए यह रुझान मिड-टू-प्रीमियम परियोजनाएं शुरू करने का अनुकूल समय बताता है।

  • हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लिए HPI यह सुनिश्चित करता है कि आवास ऋण एक स्थिर और सुरक्षित परिसंपत्ति वर्ग बना हुआ है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

4 weeks ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago