भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पिछले साल यानि 2018-19 के 6.1 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में घटकर 4.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले 11 वर्षों में हुई आई सबसे बड़ी गिरावट है। सरकार के विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आकड़ों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2019 -20 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 5 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान लगाया गया था।
वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर घटकर 3.1 प्रतिशत रही है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत से हुई थी। धीमी विकास दर के कारण, वास्तविक रूप से प्रति व्यक्ति आय 1 लाख रुपये के आकड़े को पार नहीं कर पाई। यह गिरावट उन लोगों के कारण आई, जिन्होंने बैंकों में रखी अपनी बचत को वापस ले लिया, जिससे बैंक में जमा ऋण में 53 प्रतिशत की गिरावट आई।



क्या अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिले...
नीतू समरा को Noida International Airport...
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर हुआ 70...


