भारत की पहली अंतरिक्ष एआई लैब

हैदराबाद स्थित स्पेस टेक कंपनी टेकमी2स्पेस (TM2Space) भारत की पहली अंतरिक्ष स्थित AI प्रयोगशाला MOI-TD (My Orbital Infrastructure – Technology Demonstrator) को दिसंबर 2024 के मध्य में ISRO के PSLV C60 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह मिशन अंतरिक्ष में वास्तविक समय में डेटा प्रोसेसिंग को सक्षम करेगा, डेटा ट्रांसमिशन लागत को काफी हद तक कम करेगा, और अंतरिक्ष अनुसंधान को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाएगा।

प्रमुख साझेदारी

MOI-TD के विकास और परीक्षण में अहम भूमिका निभाई IN-SPACe टेक्निकल सेंटर, अहमदाबाद ने, जो निजी अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए सरकार की सिंगल-विंडो एजेंसी है। इस परियोजना का मूल्यांकन भारत में निजी अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक सैटेलाइट परीक्षण सुविधाओं की भूमिका को उजागर करता है।

क्रांतिकारी अंतरिक्ष डेटा प्रोसेसिंग

MOI-TD सैटेलाइट संचालन में एक महत्वपूर्ण समस्या का समाधान करता है—डेटा ट्रांसमिशन में देरी और भारी संसाधन लागत।

  • पारंपरिक प्रणालियों के तहत, उपग्रहों द्वारा भेजे गए डेटा में से लगभग 40% अनुपयोगी होता है।
  • MOI-TD द्वारा इन-कक्षा डेटा प्रोसेसिंग के माध्यम से, वास्तविक समय में उपयोगी जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जिससे विलंबता (latency) और लागत में भारी कमी आएगी।

अभिनव अनुप्रयोग और सुलभता

TM2Space का प्लेटफ़ॉर्म OrbitLab उपयोगकर्ताओं को—जिनमें शोधकर्ता से लेकर स्कूल के छात्र शामिल हैं—AI मॉडल अपलोड करने की सुविधा देता है।

  • इसके अनुप्रयोगों में पर्यावरण निगरानी, वनों की कटाई का पता लगाना, और ग्रीनहाउस गैस का विश्लेषण शामिल है।
  • प्रारंभिक भागीदार: एक प्रमुख मलेशियाई विश्वविद्यालय और भारतीय स्कूलों के छात्र, जो अंतरिक्ष अनुसंधान को लोकतांत्रिक बनाने की इस पहल की क्षमता को दर्शाते हैं।

तकनीकी विशेषताएँ

MOI-TD में अत्याधुनिक हार्डवेयर का उपयोग किया गया है:

  • रिएक्शन व्हील्स और मैग्नेटोरकर्स: उपग्रह की दिशा और स्थिरता नियंत्रित करने के लिए।
  • एडवांस्ड ऑनबोर्ड कंप्यूटर और AI एक्सेलेरेटर्स: तेज़ और कुशल डेटा प्रोसेसिंग के लिए।
  • फ्लेक्सिबल सोलर सेल और विकिरण सुरक्षा तकनीक: भविष्य में अंतरिक्ष आधारित डेटा केंद्रों की नींव रखने के लिए, जो पृथ्वी-आधारित प्रणालियों की तुलना में अधिक टिकाऊ माने जा रहे हैं।

उद्योगों और अन्वेषण पर भविष्य का प्रभाव

MOI-TD के माध्यम से कक्षा अनुसंधान में AI का उपयोग दूरसंचार, कृषि, और रक्षा जैसे क्षेत्रों को बदल सकता है।

  • हालांकि वर्तमान लागत अधिक है, यह परियोजना विकासशील और पर्यावरण के अनुकूल कक्षीय बुनियादी ढांचे के लिए आधार तैयार करती है।

आगे का रास्ता

MOI-TD भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, यह दिखाता है कि कैसे निजी कंपनियां, जैसे TM2Space, अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रौद्योगिकी को पुनर्परिभाषित कर रही हैं। यह मिशन एक ऐसे भविष्य की ओर पहला कदम है, जहाँ अंतरिक्ष अन्वेषण और अनुप्रयोग अधिक समावेशी, अभिनव और प्रभावशाली होंगे।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 94 साल की उम्र में निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…

5 hours ago

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और मुख्य तथ्य

प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…

5 hours ago

आधार सेवाओं की जानकारी देने के लिए शुभंकर ‘उदय’ लॉन्च, जानें सबकुछ

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…

5 hours ago

भारतीय धावक जिन्‍सन जॉनसन ने की संन्यास की घोषणा

जिन्सन जॉनसन, भारत के प्रसिद्ध मध्य-दूरी धावक, ने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की…

6 hours ago

उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की

ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का…

7 hours ago

वैज्ञानिकों ने बिना किसी रुकावट के ठंडे एटम को मापने के लिए एक नई तकनीक विकसित की

बेंगलुरु स्थित रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के वैज्ञानिकों ने ठंडे परमाणुओं (कोल्ड एटम्स) को बिना…

8 hours ago