रेलवे का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से बदल जाएंगे टिकट बुकिंग से जुड़े ये 5 बड़े नियम

भारतीय रेलवे ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और आरक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक सुधार योजना की घोषणा की है। इन सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा तक की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बन सके।

चार्ट तैयार करने का नया नियम: अब प्रतीक्षा सूची की स्थिति पहले से स्पष्ट

पुरानी व्यवस्था:

  • आरक्षण चार्ट आमतौर पर ट्रेन प्रस्थान से 4 घंटे पहले तैयार किया जाता था।

  • इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को अंतिम क्षण तक असमंजस बना रहता था, विशेषकर उन यात्रियों के लिए जो दूर-दराज से स्टेशन आते हैं।

नई व्यवस्था:

  • अब रेलवे ने चार्टिंग के लिए समय सीमा 8 घंटे पूर्व तय करने का निर्णय लिया है:

    • 2 बजे के बाद रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए चार्ट उसी दिन 8 घंटे पहले तैयार होगा।

    • 2 बजे से पहले रवाना होने वाली ट्रेनों के लिए चार्ट पिछली रात 9 बजे तैयार कर लिया जाएगा।

लाभ:

  • प्रतीक्षा सूची की स्थिति पहले से पता चलेगी।

  • वैकल्पिक व्यवस्था करने का समय मिलेगा।

  • दूर-दराज से यात्रा करने वालों को सुविधा होगी।

  • यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।

नया आधुनिक यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS): दिसंबर 2025 तक होगा लॉन्च

भारतीय रेलवे की सूचना प्रणाली संस्था CRIS द्वारा एक नया और आधुनिक PRS विकसित किया जा रहा है, जो तेज, लचीला और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक होगा।

प्रमुख विशेषताएं:

  • बुकिंग क्षमता: 32,000 टिकट/मिनट से बढ़कर 1.5 लाख टिकट/मिनट

  • पूछताछ क्षमता: 4 लाख/मिनट से बढ़कर 40 लाख/मिनट

  • सीट चयन का विकल्प: यात्री अपनी पसंदीदा सीट देख और चुन सकेंगे।

  • भाड़ा कैलेंडर: किराये की तुलना कर यात्रा योजना बनाई जा सकेगी।

  • विशेष श्रेणियों के लिए सेवा: दिव्यांगजन, छात्र, रोगी आदि के लिए अलग सुविधाएं।

  • बहुभाषीय इंटरफेस: क्षेत्रीय भाषाओं में बुकिंग और पूछताछ की सुविधा।

प्रभाव:

  • त्योहारी सीजन या तत्काल बुकिंग के दौरान सर्वर लोड नहीं बढ़ेगा।

  • डिजिटल समावेशन और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा।

तत्काल टिकट अब केवल प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही मिलेगा – पारदर्शिता और सुरक्षा में सुधार

1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट की बुकिंग अब सिर्फ सत्यापित यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी।

प्रमाणीकरण प्रक्रिया:

  • OTP आधारित पहचान सत्यापन।

  • आधार कार्ड या DigiLocker में सुरक्षित सरकारी पहचान-पत्र से सत्यापन।

  • सत्यापन के बिना तत्काल बुकिंग संभव नहीं।

लाभ:

  • एजेंटों और बोट्स द्वारा टिकट हेराफेरी रुकेगी।

  • ईमानदार यात्रियों को अधिक अवसर मिलेंगे।

  • अंतिम समय की बुकिंग अब अधिक निष्पक्ष और सरल होगी।

भाषाई समावेशन: अब अपनी भाषा में टिकट बुक करें

नया PRS बहुभाषीय समर्थन प्रदान करेगा, जिससे देशभर के यात्री अपनी मातृभाषा में बुकिंग और पूछताछ कर सकेंगे।

फायदे:

  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों के लिए आरक्षण प्रक्रिया अधिक सुलभ होगी।

  • डिजिटल खाई को पाटने की दिशा में बड़ा कदम।

नया युग: डिजिटल दक्षता और यात्री सुविधा का समन्वय

रेलवे के ये सभी नए प्रयास, विशेष रूप से डिजिटल इंडिया और नागरिक-केंद्रित शासन के विजन के अनुरूप हैं। ये सुधार न केवल यात्रा अनुभव को बेहतर बनाएंगे, बल्कि रेलवे को एक आधुनिक और भरोसेमंद परिवहन तंत्र के रूप में स्थापित करेंगे।

यह नई प्रणाली भारतीय रेलवे के करोड़ों यात्रियों को सरल, तेज और पारदर्शी सेवा प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

एलेना रिबाकिना कौन हैं, जो ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 महिला सिंगल्स चैंपियन हैं?

एलेना रिबाकिना ने मेलबर्न में खेले गए ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के महिला एकल फाइनल में…

7 hours ago

क्या सच में एक स्पेनिश वैज्ञानिक ने पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज ढूंढ लिया है?

एक शोध दल ने बताया है कि उन्होंने प्रयोगशाला में चूहों में अग्नाशय कैंसर (Pancreatic…

7 hours ago

2026 में छठा नेशनल क्रॉप न्यूट्रिशन समिट कहाँ आयोजित होगा?

भारत का कृषि क्षेत्र एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहाँ अब केवल…

7 hours ago

मुख्यमंत्री ग्रामोत्थान योजना गुजरात के गांवों को कैसे बदलेगी?

गुजरात ने ग्रामीण शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है।…

7 hours ago

ISRO ने गगनयान मिशन लॉन्च के लिए क्या टाइमलाइन कन्फर्म की है?

भारत का बहुप्रतीक्षित मानव अंतरिक्ष उड़ान सपना अब अपने सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर…

7 hours ago