रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की इंस्पेक्टर चंदना सिन्हा को भारतीय रेलवे के सर्वोच्च सेवा सम्मान अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बाल तस्करी रोकने के लिए किए गए उनके शांत लेकिन प्रभावशाली कार्य के लिए दिया गया है। उनके प्रयासों से सैकड़ों असुरक्षित बच्चों को बचाया गया है और यात्राओं के दौरान बच्चों की सुरक्षा में रेलवे की अहम भूमिका उजागर हुई है।
क्यों खबरों में?
आरपीएफ अधिकारी चंदना सिन्हा को भारतीय रेलवे का सर्वोच्च पुरस्कार मिला है। उन्हें बाल तस्करी की रोकथाम और बच्चों के बचाव में असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
चंदना सिन्हा कौन हैं?
- चंदना सिन्हा रेलवे सुरक्षा बल की एक वरिष्ठ अधिकारी हैं।
- वह ग्राउंड-लेवल अप्रोच के लिए जानी जाती हैं और रेलवे परिसरों में बाल सुरक्षा पर व्यापक रूप से कार्य कर चुकी हैं।
- उन्होंने केवल कानून-प्रवर्तन तक सीमित न रहते हुए पहचान, बचाव और पुनर्वास को प्राथमिकता दी।
- एनजीओ, बाल कल्याण समितियों (CWC) और राज्य अधिकारियों के साथ समन्वय कर उन्होंने रेलवे नेटवर्क के जरिए होने वाली बाल तस्करी के खिलाफ भारत की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रेलवे में बाल तस्करी रोकथाम का महत्व
- भीड़ और गुमनामी के कारण तस्कर अक्सर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं।
- हर साल हजारों बच्चे घर से भागते हैं या ट्रेनों के माध्यम से तस्करी का शिकार होते हैं।
- इस चुनौती को देखते हुए आरपीएफ संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में फ्रंटलाइन भूमिका निभाता है।
- चंदना सिन्हा जैसे अधिकारियों ने निगरानी मजबूत की, कर्मियों को रेड फ्लैग्स पहचानने का प्रशिक्षण दिया और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित किया।
चंदना सिन्हा के प्रमुख योगदान
- अकेले या संदिग्ध निगरानी में यात्रा कर रहे बच्चों की प्रारंभिक पहचान पर विशेष ध्यान।
- आरपीएफ में बाल-संवेदनशील प्रोटोकॉल को संस्थागत रूप दिया, जिससे बचाए गए बच्चों को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित माना गया।
- रेलवे और बाल संरक्षण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से तेज़ बचाव और सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित हुआ।
- कई उच्च-जोखिम मार्गों पर तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई।
भारतीय रेलवे का सर्वोच्च पुरस्कार
- यह पुरस्कार असाधारण सेवा और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
- इसमें केवल परिचालन उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि मानवीय प्रभाव को भी महत्व दिया जाता है।
- बाल संरक्षण कार्य के लिए आरपीएफ अधिकारी को सम्मानित कर भारतीय रेलवे ने सामाजिक जिम्मेदारी को अपनी मुख्य संस्थागत मूल्य के रूप में रेखांकित किया है।
बाल संरक्षण पर व्यापक प्रभाव
- चंदना सिन्हा के कार्य ने भारतीय रेलवे को बाल संरक्षण का प्रमुख हितधारक बनाने में मदद की।
- उनके दृष्टिकोण से यह स्पष्ट हुआ कि परिवहन प्रणालियाँ भी तस्करी जैसे अपराधों को सक्रिय रूप से रोक सकती हैं।
- यह सम्मान अन्य रेलवे कर्मियों को भी प्रेरित करेगा, जिससे मानव तस्करी, बाल श्रम और शोषण के खिलाफ भारत की लड़ाई मजबूत होगी।
आरपीएफ के बारे में
- रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रेल मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- यह रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है।
- भारतीय रेलवे, एनजीओ और बाल कल्याण समितियों के साथ मिलकर तस्करी और घर से भागे बच्चों के बचाव में सहयोग करता है।
- ये पहलें भारत के बाल संरक्षण कानूनों के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं।
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