भारत ने अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘सी ड्रैगन 2026’ में भाग लिया है। यह अभ्यास वर्तमान में गुआम के पास आयोजित किया जा रहा है। इसमें भारतीय नौसेना के साथ ऑस्ट्रेलिया, जापान और न्यूजीलैंड जैसे देशों की सेनाएं भी शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare) में समन्वय और युद्ध क्षमता को बढ़ाना है। यह दो सप्ताह का अभ्यास जटिल समुद्री परिस्थितियों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनका पीछा करने पर केंद्रित है।
सी ड्रैगन 2026 एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है, जो पनडुब्बी रोधी अभियानों पर केंद्रित है।
यह अभ्यास अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व में आयोजित किया जाता है और इसका उद्देश्य भाग लेने वाले देशों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।
इसमें जटिल अभ्यास शामिल होते हैं, जैसे—
ये सभी गतिविधियां नौसैनिक बलों की दक्षता, गति और सटीकता की परीक्षा लेती हैं।
सी ड्रैगन 2026 में भागीदारी भारत की इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख समुद्री शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत करती है। यह मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को भी बढ़ाती है। इस अभ्यास के माध्यम से भारत को पनडुब्बी रोधी युद्ध में उपयोग होने वाली उन्नत तकनीकों और रणनीतियों का अनुभव प्राप्त होता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…