भारतीय नौसेना और ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को स्वदेशी ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत नौसेना के लिए ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और संबंधित प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास, निर्माण और परीक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस दिशा में नौसेना का प्रौद्योगिकी विकास एवं त्वरण सेल और ड्रोन फेडरेशन सहयोगात्मक रूप से काम करेंगे।
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समझौते के अनुसार नौसेना और ड्रोन फेडरेशन नौसेना-उद्योग-अकादमिक तालमेल और स्रोत प्रौद्योगिकी विकास चुनौतियों को पुरजा स्वदेशीकरण की दिशा में बढ़ाएंगे। भारतीय ड्रोन उद्योग के लिए विशेष रूप से समुद्री वातावरण में ड्रोन के तेजी से विकास और परीक्षण की सुविधा के लिए एक विशेष समुद्री ड्रोन परीक्षण स्थल भी निर्धारित किया जाएगा। नौसेना के कमोडोर एपी गोलाया ने कहा कि ड्रोन फेडरेशन के साथ समझौता नौसेना में समयबद्ध तरीके से ड्रोन प्लेटफार्मों को शामिल करने के लिए एक मजबूत रोडमैप बनाने के साथ उद्योग संबंध विकसित करने में मदद करेगा।
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