भारतीय नौसेना के जहाज द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास SLINEX-2025 में भाग लेने के लिए के लिए श्रीलंका पहुँचे

श्रीलंका–भारत नौसैनिक अभ्यास (SLINEX-25) की शुरुआत 14 अगस्त 2025 को कोलंबो में हुई, जब भारतीय नौसेना के आईएनएस राणा (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर) और आईएनएस ज्योति (फ्लीट टैंकर) वहाँ पहुँचे। 14 से 18 अगस्त 2025 तक आयोजित यह 12वाँ संस्करण, भारत और श्रीलंका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को दर्शाता है और इसे महासागर (MAHASAGAR) पहल के अंतर्गत महत्व दिया जा रहा है।

अभ्यास का परिचय
2005 में प्रारंभ किए गए SLINEX का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतरसंचालन क्षमता (interoperability), समुद्री सहयोग और सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। SLINEX-25 का आयोजन पिछले संस्करण (17–20 दिसंबर 2024, विशाखापत्तनम) के बाद किया जा रहा है।

चरणबद्ध संरचना

  • हार्बर फेज़ (14–16 अगस्त 2025) – कोलंबो

  • सी फेज़ (17–18 अगस्त 2025) – निकटवर्ती समुद्री क्षेत्र

प्रतिभागी

  • भारतीय नौसेना – आईएनएस राणा (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर), आईएनएस ज्योति (फ्लीट टैंकर)

  • श्रीलंका नौसेना – एसएलएनएस गजबहु और एसएलएनएस विजयबहु (एडवांस ऑफशोर पेट्रोल वेसल)

  • दोनों देशों की विशेष बल इकाइयाँ (Special Forces)

  • अतिरिक्त संसाधन – श्रीलंका वायुसेना के BEL-412 हेलीकॉप्टर

हार्बर फेज़ गतिविधियाँ
इस चरण में पेशेवर संवाद, सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट एक्सचेंज (SMEE) और सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का साझा अनुभव शामिल है। साथ ही योग, खेलकूद और आपसी मैत्री संबंधों को मजबूत करने वाले सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

सी फेज़ गतिविधियाँ
इस चरण में परिचालन तत्परता की जाँच के लिए अभ्यास किए जा रहे हैं, जैसे—

  • तोपख़ाना अभ्यास (Gunnery firing serials)

  • संचार अभ्यास

  • नौवहन और समुद्री संचालन (Navigation & Seamanship)

  • विज़िट-बोर्ड-सर्च-सीज़र (VBSS) ऑपरेशन

  • समुद्र में पुनःपूर्ति और ईंधन आपूर्ति (At-sea replenishment & fueling)

ये अभ्यास संयुक्त समुद्री अभियानों के लिए आवश्यक सामरिक तालमेल को मज़बूत करते हैं।

महत्व और रणनीतिक संदर्भ
SLINEX द्विपक्षीय नौसैनिक समन्वय को और गहरा करता है तथा भारत की महासागर नीति (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) के अनुरूप है, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और सामूहिक लचीलापन पर बल देती है।

यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में दोनों देशों के बीच विश्वास, परिचालन तालमेल और साझा समुद्री क्षमताओं को सुदृढ़ करता है, जिससे साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना सहयोग के माध्यम से किया जा सके।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर: IRENA

वर्ष 2025 में, भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा बाज़ार के रूप में…

19 mins ago

मिशन मित्र क्या है? गगनयान के लिए ISRO का नया प्रयोग—पूरी जानकारी

भारत के गगनयान मिशन ने लद्दाख की बेहद कठिन परिस्थितियों में एक अनोखा प्रयोग शुरू…

2 hours ago

NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा: भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इसका क्या मतलब है?

केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सलाह पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण…

2 hours ago

E20 पेट्रोल क्या है? 2026 से पूरे देश में लागू नई व्यवस्था

1 अप्रैल से, पूरे देश में फ़्यूल स्टेशन अब ऐसा पेट्रोल सप्लाई कर रहे हैं…

3 hours ago

कक्षा तीन से आठ के लिए CT और AI करिकुलम लॉन्च: CBSE

सीबीएसई बोर्ड के मान्यता प्राप्त स्कूलों से लेकर 22 राज्यों के सरकारी स्कूलों के कक्षा…

6 hours ago

सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक भारत जनगणना 2027 के ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

भारत सरकार ने मशहूर रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक को जनगणना 2027 के लिए ब्रांड एंबेसडर…

6 hours ago