भारतीय दूतावास ने डीआरसी संघर्ष के बीच बुकावु को खाली करने का आग्रह किया

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो (DRC) में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय दूतावास ने बुकावु शहर में रह रहे भारतीयों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी है। यह चेतावनी पूर्वी डीआरसी में विद्रोही समूहों, विशेष रूप से एम23 (M23) समूह, की बढ़ती गतिविधियों के कारण जारी की गई है, जिन्होंने पहले ही गोमा जैसे आसपास के क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। यह सलाह भारतीय दूतावास की अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

निकासी सलाह क्यों जारी की गई?

भारतीय दूतावास के अनुसार, एम23 विद्रोही अब बुकावु से मात्र 20-25 किलोमीटर की दूरी पर हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए दूतावास ने तुरंत निकासी की सिफारिश की है। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस समय हवाई मार्ग और सीमा पार करने के सभी विकल्प उपलब्ध हैं, और भारतीय नागरिकों को इनका उपयोग कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

निकासी के लिए कैसे तैयारी करें?

जो भारतीय नागरिक बुकावु से निकलने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए दूतावास ने कुछ आवश्यक वस्तुएं साथ ले जाने की सिफारिश की है। इनमें पहचान पत्र और यात्रा दस्तावेज, आवश्यक दवाइयां, कपड़े, तैयार भोजन और पानी शामिल हैं। इन वस्तुओं को इस तरह से पैक करने की सलाह दी गई है कि यात्रा के दौरान आसानी से ले जाई जा सकें, क्योंकि स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

इस संकट की पृष्ठभूमि क्या है?

भारतीय दूतावास की यह सलाह पूर्वी डीआरसी में हाल ही में बढ़े संघर्ष के कारण आई है। पिछले एक सप्ताह में ही एम23 विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम 773 लोगों की जान जा चुकी है। इस क्षेत्र के प्रमुख शहर गोमा पर पहले ही विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया है, और बुकावु पर भी हमले की आशंका बढ़ गई है। इस तनावपूर्ण स्थिति में भारतीय दूतावास अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

भारतीय नागरिक कैसे सहायता प्राप्त कर सकते हैं?

जो भी भारतीय नागरिक डीआरसी में फंसे हैं या किसी आपात स्थिति में हैं, वे भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने सहायता के लिए फोन नंबर (+243 890024313) और ईमेल पता (cons.kinshasas@mea.gov.in) जारी किया है। चूंकि स्थिति तेजी से बदल रही है, दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

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vikash

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