भारतीय मुक्केबाजी के पहले द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच ओपी भारद्वाज (O P Bhardwaj) का निधन हो गया है. उन्हे भालचंद्र भास्कर भागवत (कुश्ती) और ओ एम नांबियार (एथलेटिक्स) के साथ संयुक्त रूप से कोचिंग में सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान दिया गया था, जब इसे 1985 में पेश किया गया था.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
भारद्वाज 1968 से 1989 तक भारत के राष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच थे और उन्होंने राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी काम किया था. वह पटियाला में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स इंडिया में खेल के लिए पहले मुख्य प्रशिक्षक थे.
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…
हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…
पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…
भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…
भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…