भारतीय सेना ने प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को रेगुलेट करने हेतु सोशल मीडिया पॉलिसी को अपडेट किया

भारतीय सेना ने अपनी सोशल मीडिया नीति में संशोधन करते हुए अपने कर्मियों को व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म तक सीमित और सख़्त शर्तों के साथ पहुँच की अनुमति दी है। 25 दिसंबर 2025 को घोषित इस संशोधित नीति का उद्देश्य ऑपरेशनल सुरक्षा और आधुनिक सूचना उपभोग की वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाना है। रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव सूचना जागरूकता और निगरानी के लिए हैं, न कि अप्रतिबंधित भागीदारी के लिए—ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि बनी रहे।

नई नीति में क्या बदला है?

  • संशोधित दिशानिर्देश प्लेटफॉर्म-आधारित भेद प्रस्तुत करते हैं, यह मानते हुए कि मैसेजिंग ऐप्स और सार्वजनिक सोशल नेटवर्क अलग-अलग स्तर के सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं।
  • नीति के तहत कुछ ऐप्स तक पहुँच की अनुमति दी गई है, लेकिन यह पूर्ण स्वतंत्रता नहीं है—उपयोग प्लेटफॉर्म की प्रकृति के अनुसार कड़ाई से नियंत्रित रहेगा।

मैसेजिंग ऐप्स: सीमित संचार की अनुमति

व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल और स्काइप जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर कर्मियों को सामान्य प्रकृति की, अवर्गीकृत (Unclassified) जानकारी साझा करने की अनुमति है।
हालांकि, महत्वपूर्ण सुरक्षा शर्तें लागू होंगी—

  • संचार केवल ज्ञात संपर्कों के साथ किया जा सकेगा।
  • प्राप्तकर्ता की सही पहचान सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी उपयोगकर्ता की होगी।
  • यह प्रावधान प्रतिरूपण (Impersonation), डेटा लीक और हनी ट्रैपिंग जैसे जोखिमों को कम करने के लिए जोड़ा गया है।
  • किसी भी परिस्थिति में कोई गोपनीय, संवेदनशील या ऑपरेशनल जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म: केवल निष्क्रिय भागीदारी

एक्स, इंस्टाग्राम, क्वोरा जैसे सार्वजनिक सोशल नेटवर्क और यूट्यूब जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए सेना ने “निष्क्रिय भागीदारी (Passive Participation)” का सिद्धांत अपनाया है।

कर्मी केवल देखने, ब्राउज़ करने और जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से सामग्री देख सकते हैं।

निम्नलिखित पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा—

  • कोई भी सामग्री पोस्ट या अपलोड करना
  • टिप्पणी करना या राय व्यक्त करना
  • सार्वजनिक चर्चाओं या बहसों में भाग लेना

यह भेद इसलिए रखा गया है क्योंकि सार्वजनिक इंटरैक्शन से अनजाने में व्यक्तिगत, स्थान-सम्बंधी या संस्थागत विवरण उजागर हो सकते हैं, जिनका दुरुपयोग शत्रुतापूर्ण तत्व कर सकते हैं।

लिंक्डइन: एक विशेष मामला

  • लिंक्डइन को एक विशेष श्रेणी में रखा गया है। हालांकि यह एक सोशल नेटवर्क है, लेकिन यह पेशेवर और औपचारिक उद्देश्यों के लिए भी उपयोग होता है।
  • इसका उपयोग केवल रिज़्यूमे अपलोड करने और संभावित नियोक्ताओं/कर्मचारियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने तक सीमित रहेगा।
  • किसी भी प्रकार की राय साझा करना, पोस्ट करना या अनौपचारिक सहभागिता प्रतिबंधित रहेगी।

पृष्ठभूमि

  • 2019 तक भारतीय सेना के कर्मियों को किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या समूह में भागीदारी की पूरी तरह मनाही थी।
  • 2020 में हनी ट्रैपिंग और संवेदनशील जानकारी के अनजाने में साझा होने के मामलों के बाद प्रतिबंध और कड़े कर दिए गए।
  • परंपरागत रूप से सेना की सार्वजनिक डिजिटल उपस्थिति केवल आधिकारिक खातों और सेवानिवृत्त कर्मियों तक सीमित रही है।
  • संशोधित नीति एक संतुलित बदलाव है, जो यह स्वीकार करती है कि नियंत्रित पहुँच से सुरक्षा से समझौता किए बिना कर्मियों की सूचना जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

सुरक्षा सर्वोपरि: नीति का मूल सिद्धांत

  • रियायतों के बावजूद, नई नीति का मूल मंत्र “सुविधा से ऊपर सुरक्षा” ही है।
  • रक्षा अधिकारियों ने ज़ोर दिया कि यह पहुँच देखने, निगरानी और सीमित संचार के लिए है, अभिव्यक्ति के लिए नहीं।
  • मैसेजिंग ऐप्स और खुले सोशल नेटवर्क के बीच किया गया भेद सूचना युद्ध, साइबर जासूसी और मनोवैज्ञानिक अभियानों के दौर में डिजिटल जोखिमों की सूक्ष्म समझ को दर्शाता है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • 25 दिसंबर 2025 को भारतीय सेना ने सोशल मीडिया नीति में संशोधन किया।
  • व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्काइप: केवल ज्ञात संपर्कों के साथ अवर्गीकृत संचार की अनुमति।
  • एक्स, इंस्टाग्राम, क्वोरा, यूट्यूब: केवल निष्क्रिय देखने/ब्राउज़िंग की अनुमति।
  • लिंक्डइन: केवल रिज़्यूमे अपलोड और पेशेवर जानकारी के लिए।
  • सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर पोस्टिंग, टिप्पणी या राय व्यक्त करना प्रतिबंधित।
  • 2019 तक पूर्ण प्रतिबंध, 2020 में और कड़े नियम लागू थे।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सभी क्षेत्रों में मासिक धर्म अवकाश नीति लागू करने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह सभी क्षेत्रों में…

8 mins ago

TIME100 2026: दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों और प्रमुख रुझानों की पूरी सूची

वैश्विक स्तर पर तकनीकी नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था का नेतृत्व कर रहे भारतीय दिग्गजों को…

2 hours ago

इस्लामाबाद की चाल: वैश्विक संघर्ष की कगार पर कूटनीति

पूरी दुनिया की नज़रें इस्लामाबाद पर टिकी हैं। हम एक ऐसी घटना के गवाह बन…

18 hours ago

केंद्र सरकार ने 10000 करोड़ रुपये के ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को दी मंजूरी

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ़…

18 hours ago

डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन, DC में ‘Arc de Trump’ स्मारक की योजना का अनावरण किया

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विशाल, सुनहरे रंग से सजी विजय-मेहराब (triumphal arch)…

22 hours ago

बोहाग बिहू 2026: महत्व, परंपराएँ और यह असमिया नव वर्ष का प्रतीक क्यों है

बोहाग बिहू, जिसे रोंगाली बिहू के नाम से भी जाना जाता है, 14 अप्रैल से…

23 hours ago