भारतीय सेना पहला स्वदेशी सॉफ्टवेयर-परिभाषित रेडियो खरीदेगी

भारत की रक्षा संचार क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भारतीय सेना (Indian Army) ने अपने पहले स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (Software Defined Radios – SDRs) की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। ये SDR प्रणालियाँ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की गई हैं और इनका उत्पादन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा किया जाएगा।

सॉफ्टवेयर डिफाइंड रेडियो (SDRs) क्या हैं?

SDR ऐसे आधुनिक संचार तंत्र हैं जिनमें परंपरागत हार्डवेयर अवयवों (जैसे मिक्सर, मॉडुलेटर, फिल्टर आदि) की जगह सॉफ्टवेयर आधारित मॉड्यूल लेते हैं।
इससे कई प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं —

  • लचीलापन: सॉफ्टवेयर अपडेट के ज़रिए वेवफ़ॉर्म या कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल बदला जा सकता है।

  • अंतर-संचालन (Interoperability): विभिन्न प्लेटफॉर्म्स और सेवाओं के बीच संगतता संभव होती है।

  • मैदान की परिस्थितियों में अनुकूलन: युद्धक्षेत्र में बदलती स्थितियों के अनुसार संचार नेटवर्क स्वयं समायोजित हो सकते हैं।

भारतीय सेना द्वारा खरीदे गए SDRs में उच्च डेटा दर (High Data Rate) और मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क (MANET) क्षमताएँ हैं, जिससे इकाइयाँ गतिशील परिस्थितियों में भी एक नेटवर्क्ड लिंक बनाए रख सकती हैं।

भारतीय रेडियो सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर (IRSA) मानक

  • DRDO, इंटीग्रेटेड डिफेन्स स्टाफ (IDS) और तीनों सेनाओं के सहयोग से Indian Radio Software Architecture (IRSA) Version 1.0 विकसित किया गया है।

  • यह भारत का पहला राष्ट्रीय मानक (National Specification) है, जो SDR प्रणालियों के लिए मानकीकृत इंटरफेस, API, निष्पादन वातावरण और वेवफ़ॉर्म पोर्टेबिलिटी (एक रेडियो के लिए लिखी वेवफ़ॉर्म दूसरे रेडियो पर चल सके) को परिभाषित करता है।

  • IRSA पहल यह सुनिश्चित करती है कि भारत में बने SDR एक समान आर्किटेक्चर पर आधारित हों — जिससे अंतर-संचालन, प्रमाणन और भविष्य की संगतता (future-proofing) सुनिश्चित हो।

रणनीतिक महत्व

रक्षा के लिए:

  • सुरक्षित और नेटवर्क-केंद्रित संचार (Network-Centric Communication) को मज़बूत करता है, जो आधुनिक युद्ध की प्रमुख आवश्यकता है।

  • उच्च-प्रौद्योगिकी रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता (Atmanirbharta) की दिशा में बड़ा कदम।

  • IRSA मानकीकरण से प्रणाली में एकरूपता, आसान उन्नयन और निर्यात की संभावनाएँ बढ़ती हैं।

उद्योग और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए:

  • BEL के साथ यह अनुबंध स्वदेशी विनिर्माण क्षमता पर विश्वास दर्शाता है।

  • IRSA-आधारित SDRs के कार्यान्वयन से एक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र बनता है — जिसमें DRDO, DPSUs, निजी उद्योग और अकादमिक संस्थान शामिल हैं।

  • भविष्य में, IRSA अनुरूप उपकरणों का उत्पादन करने वाले भारतीय निर्माता मित्र देशों को भी निर्यात कर सकते हैं।

स्थिर तथ्य

विषय विवरण
अनुबंध हस्ताक्षर तिथि अक्टूबर 2025
विकासकर्ता रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO)
निर्माता भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
मानक Indian Radio Software Architecture (IRSA) Version 1.0
मुख्य विशेषताएँ उच्च डेटा दर (High Data Rate), मोबाइल ऐड-हॉक नेटवर्क (MANET) क्षमता
महत्त्व स्वदेशी, सुरक्षित, और भविष्य-उन्मुख संचार प्रणाली की दिशा में निर्णायक कदम
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vikash

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