बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास के लिए मंगोलिया पहुंची भारतीय सेना की टुकड़ी

भारतीय सेना के 40 सैनिकों का एक दल बुधवार को मंगोलिया पहुंचा। इनमें ज्यादातर सैनिक कुमाऊं रेजीमेंट की एक बटालियन से हैं। यह दल एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘खान क्वेस्ट’ में भाग लेगा। यह सैन्य अभ्यास 14 से 28 जून तक उलानबातर में आयोजित होगा। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी। यह बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत शांति अभियानों के लिए भागीदार देशों की परस्पर संचालन क्षमता (interoperability) और संचालनिक तत्परता (operational readiness) बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

समाचार में क्यों?

  • भारतीय सेना ने मंगोलिया में ‘खान क्वेस्ट 2025’ अभ्यास में भाग लिया, जिसमें दर्जनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं।

  • अभ्यास की शुरुआत 14 जून 2025 से हो रही है, ऐसे समय में जब वैश्विक अशांति के कारण संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों का महत्व बढ़ रहा है

उद्देश्य और लक्ष्य

  • बहुराष्ट्रीय वातावरण में शांति अभियानों की क्षमताओं को बढ़ाना।

  • समन्वय, संचालनिक दक्षता, और युद्ध तत्परता में सुधार करना।

  • वास्तविक संघर्ष परिदृश्यों का अभ्यास कराकर अनुभव प्रदान करना।

‘खान क्वेस्ट’ का परिचय

  • शुरुआत: 2003, अमेरिका और मंगोलिया के बीच द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में।

  • 2006 से यह बहुराष्ट्रीय शांति अभ्यास बन गया।

  • 2025 का संस्करण 22वां है।

  • हर साल मंगोलिया में होता है – 2024 में यह 27 जुलाई से 9 अगस्त तक हुआ था।

भारतीय टुकड़ी का विवरण

  • 40 सैनिक, मुख्यतः कुमाऊं रेजिमेंट से।

  • 1 महिला अधिकारी और 2 महिला सैनिक, जो भारत की लैंगिक समावेशन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

  • अन्य शाखाओं और सेवाओं का भी सहयोग शामिल।

प्रमुख युद्धाभ्यास और गतिविधियाँ

  • स्थिर और मोबाइल चेकपॉइंट की स्थापना।

  • दुश्मन-प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी और घेराबंदी।

  • गश्त अभियान।

  • संघर्ष क्षेत्रों से नागरिकों की सुरक्षित निकासी

  • प्राथमिक चिकित्सा और घायल सैनिकों को निकालने का प्रशिक्षण

  • IED (विस्फोटक उपकरण) निरोध अभ्यास

वैश्विक महत्व

  • भारत की संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग में भारत की साख और भागीदारी को मजबूत करता है।

  • बहुराष्ट्रीय संकटों में समन्वित कार्रवाई के लिए सैनिकों को प्रशिक्षित करता है।

  • भारत–मंगोलिया सैन्य संबंधों को और सुदृढ़ करता है।

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vikash

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