भारतीय सेना ने लद्दाख में ‘पर्वत प्रहार’ अभ्यास आयोजित किया

भारतीय सेना ने लद्दाख में एक रणनीतिक सैन्य अभ्यास ‘पर्वत प्रहार’ किया है, जो उच्च ऊंचाई वाले युद्ध और अभियानों पर केंद्रित है। यह अभ्यास भारत-चीन सीमा के नज़दीक इस क्षेत्र में सेना की तत्परता और प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

‘पर्वत प्रहार’ (पहाड़ी हमला) अभ्यास में पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों पर जोर दिया जाता है, जैसे कि पूर्वी लद्दाख जैसे क्षेत्रों में पाए जाते हैं। एक पखवाड़े से अधिक समय तक चलने वाले इस अभ्यास में सैनिकों को ऐसे इलाकों की अनूठी चुनौतियों में प्रशिक्षित करने के लिए वास्तविक दुनिया के युद्ध परिदृश्यों का अनुकरण करना शामिल है।

भागीदारी और उपकरण

इस अभ्यास में सेना की विभिन्न शाखाएँ भाग ले रही हैं, जिनमें पैदल सेना, बख्तरबंद, तोपखाना और सहायक इकाइयाँ शामिल हैं। विभिन्न प्रकार के टैंक, के-9 वज्र सहित तोपें, वायु-रक्षा प्रणालियाँ, यूएवी और सेना की अन्य विमानन संपत्तियाँ अपनी संचालन क्षमता और युद्ध की तैयारियों का प्रदर्शन कर रही हैं।

सामरिक महत्व

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ इस संवेदनशील क्षेत्र में संचालन के लिए जिम्मेदार उत्तरी कमान की माउंटेन स्ट्राइक कोर इस अभ्यास में शामिल है। इस क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति और चीन से इसकी निकटता ‘पर्वत प्रहार’ को एक महत्वपूर्ण अभ्यास बनाती है।

चीन के साथ जारी गतिरोध

गलवान झड़प के बाद से भारत और चीन के बीच चार साल से ज़्यादा समय से सैन्य गतिरोध जारी है, जिसमें सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कई दौर की बातचीत महत्वपूर्ण प्रगति हासिल करने में विफल रही है। 2020 से, भारतीय सेना ने इस क्षेत्र में 500 से ज़्यादा टैंक और बख्तरबंद लड़ाकू वाहन तैनात किए हैं और तेज़ी से बुनियादी ढाँचा विकसित किया है। इसके अलावा, भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी तैनाती का मुकाबला करने के लिए 50,000 से ज़्यादा सैनिकों को तैनात किया है, जिसका उद्देश्य चीन द्वारा यथास्थिति को बदलने के किसी भी और प्रयास को रोकना है।

भारत और चीन ने हाल ही में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठक संपन्न की है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
shweta

Recent Posts

भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को मिला 2026 Whitley Award, रचा इतिहास

भारत के लिए गर्व की बात है कि भारतीय वैज्ञानिक परवीन शेख को 2026 का…

11 hours ago

पायलट फेज के बाद SEBI ने लॉन्च किया PaRRVA सिस्टम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 'पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी' (PaRRVA) को…

2 days ago

कैबिनेट का अहम निर्णय: महाराष्ट्र में AI नीति 2026 लागू

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र राज्य कैबिनेट ने महत्वाकांक्षी 'महाराष्ट्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति…

2 days ago

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: हर आरोपी को त्वरित सुनवाई का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 को एक केस की सुनवाई के दौरान मौलिक अधिकारों…

2 days ago

अब नहीं खोएंगे PF के पैसे, EPFO का नया प्लेटफॉर्म करेगा मदद

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) 'E-PRAAPTI' नाम से एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा…

2 days ago

आपदा पीड़ितों को राहत: RBI ने लागू किए नए लोन पुनर्गठन नियम

भारतीय रिज़र्व बैंक ने आपदा-प्रभावित क्षेत्रों के लिए लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए संशोधित दिशानिर्देश पेश…

2 days ago