भारतीय सेना ने ‘डेविल स्ट्राइक’ अभ्यास किया

भारतीय सशस्त्र बल 16 से 19 जनवरी 2025 तक एक बड़ा सैन्य अभ्यास, “एक्सरसाइज डेविल स्ट्राइक”, आयोजित करने जा रहे हैं। भारतीय सेना के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बलों की युद्ध तत्परता को बढ़ाना है, जिसमें उच्च-तीव्रता वाली युद्ध संचालन की सिमुलेशन की जाएगी। इस अभ्यास में उन्नत रणनीतियों और नवीनतम युद्ध तकनीकों को शामिल किया जाएगा ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और बाहरी खतरों से प्रभावी रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह विभिन्न सैन्य शाखाओं के बीच समन्वय की भी परीक्षा होगी, जिससे संभावित चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक सुसंगत प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके।

“एक्सरसाइज डेविल स्ट्राइक” के प्रमुख विवरण:

अभ्यास की अवधि:
16-19 जनवरी 2025

स्थान:
भारत के उत्तरी सीमाएं

उद्देश्य:

  1. भारतीय सशस्त्र बलों की संचालन क्षमता को बढ़ाना, विशेषकर उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में।
  2. सेना, वायु सेना और विशेष बलों के साथ संयुक्त अभ्यास करना।
  3. जटिल युद्ध परिस्थितियों के लिए युद्ध तत्परता और प्रतिक्रिया रणनीतियों को सुदृढ़ करना।

महत्व – पिछले अभ्यासों से तुलना:

  1. पहले भी संयुक्त बल सहयोग, आतंकवाद विरोधी संचालन और एकीकृत रक्षा रणनीतियों पर आधारित अभ्यास किए गए हैं, जैसे कि “एक्सरसाइज शक्ति” और “एक्सरसाइज वज्र प्रहार”।
  2. “डेविल स्ट्राइक” नए आयाम जोड़ता है, जिसमें उन्नत युद्ध और युद्धभूमि रणनीतियों में तकनीकी एकीकरण की वास्तविक समय सिमुलेशन की जाएगी।

वर्तमान संदर्भ:

  1. सीमाओं पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों, विशेषकर पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में, इस अभ्यास को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
  2. यह अभ्यास भारत के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर जोर देता है, जिसमें उच्च-तकनीकी उपकरण और रणनीतिक संचालन योजनाएं शामिल हैं, ताकि पारंपरिक और विषम युद्ध खतरों का प्रभावी रूप से सामना किया जा सके।
मुख्य बिंदु विवरण
क्यों समाचार में है भारतीय सशस्त्र बल 16 से 19 जनवरी 2025 तक “एक्सरसाइज डेविल स्ट्राइक” का आयोजन करेंगे।
अभ्यास की तिथि 16-19 जनवरी 2025
शक्ति में शामिल बल भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और विशेष बल
अभ्यास का स्थान भारत के उत्तरी सीमाएं
अभ्यास का उद्देश्य – युद्ध तत्परता और उच्च-ऊंचाई युद्ध पर ध्यान केंद्रित करना।
– सेना, वायु सेना और विशेष बलों के साथ संयुक्त अभ्यास।
– समन्वय, संचालन क्षमता और प्रतिक्रिया रणनीतियों को बढ़ाना।
– मल्टी-थिएटर युद्ध की तैयारी और सीमा सुरक्षा पर जोर।
पिछले अभ्यास “एक्सरसाइज शक्ति” और “एक्सरसाइज वज्र प्रहार” जैसे संयुक्त संचालन अभ्यास।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या भारत के ₹17.2 लाख करोड़ के उधार में बढ़ोतरी के बाद RBI दखल दे सकता है?

बजट FY27 में वित्तीय अनुशासन का संदेश देने के बावजूद बांड बाजार में दबाव के…

4 hours ago

अरुणाचल में ‘अग्नि परीक्षा’ अभ्यास के लिए सेना और ITBP का संयुक्त अभियान

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित अभ्यास अग्नि परीक्षा ने खास ध्यान आकर्षित किया…

4 hours ago

आदमपुर हवाई अड्डे का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी हवाई अड्डा रखा गया

पंजाब के विमानन मानचित्र में 02 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक बदलाव देखने…

4 hours ago

केरल के कंथल्लूर में ऑर्किड की नई प्रजाति खोजी गई

भारत की जैव विविधता को एक बार फिर नई पहचान मिली है, जब वैज्ञानिकों ने…

4 hours ago

सर्वेश रंजन बने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नए चीफ जनरल मैनेजर

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नेतृत्व स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है।…

5 hours ago

नई दिल्ली में फ्यूचर वॉरफेयर कोर्स का तीसरा एडिशन लॉन्च

भारत ने औपचारिक रूप से भविष्य के युद्धों के लिए अपने सैन्य नेतृत्व को तैयार…

5 hours ago