इस योजना के तहत, सरकार टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोलियों पर पवन-सौर हाइब्रिड परियोजनाओं पर बोली लगाएगी और यह परियोजनाएं बोली लगाने वालों के साथ व्यवहार्यता और भूमि उपलब्धता के आधार पर देश भर में कहीं भी स्थापित की जा सकती हैं. नीति नई हाईब्रिड परियोजनाओं के साथ-साथ मौजूदा पवन / सौर परियोजनाओं के संकरण (hybridisation) को बढ़ावा देने की मांग करती है.
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