भारत–यूके संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास ‘अजेय वॉरियर-25’ 17 नवंबर 2025 को राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में औपचारिक रूप से शुरू हुआ। यह वर्ष 2011 से द्विवार्षिक रूप से आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित द्विपक्षीय रक्षा अभ्यास का आठवाँ संस्करण है, जो भारतीय सेना और ब्रिटिश सेना के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत करता है। 17 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित इस अभ्यास में दोनों देशों से कुल 240 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। भारतीय दल का नेतृत्व अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता, अनुशासन और परिचालन अनुभव के लिए प्रसिद्ध सिख रेजिमेंट कर रही है।
‘अजेय वॉरियर-25’ संयुक्त राष्ट्र (UN) के जनादेश के तहत आयोजित हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अर्ध-शहरी क्षेत्र (semi-urban terrain) में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर फोकस करना है। यह विषय वर्तमान वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को दर्शाता है।
अगले 14 दिनों में दोनों देशों के सैनिक भाग लेंगे:
ब्रिगेड स्तर पर संयुक्त मिशन योजना
अर्ध-शहरी युद्ध के लिए एकीकृत सामरिक ड्रिल
खतरों के बदलते स्वरूप पर आधारित सिमुलेशन प्रशिक्षण
कंपनी-स्तर के फील्ड अभ्यास, वास्तविक काउंटर-टेरर परिदृश्यों की नकल
यह गहन प्रशिक्षण परिचालन तालमेल (operational synergy) बढ़ाने के साथ-साथ दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं और रणनीतियों को सीखने का अवसर देगा।
‘अजेय वॉरियर’ श्रृंखला भारत-यूके रक्षा सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है। 2025 का संस्करण दोनों देशों की इन प्रतिबद्धताओं को पुनः रेखांकित करता है:
पेशेवर सैन्य सहयोग
संयुक्त राष्ट्र ढांचे के तहत शांति स्थापना
क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा
आधुनिक सुरक्षा खतरों का संयुक्त समाधान
यह अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच विश्वास, समझ और समन्वय तंत्र को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।
आज विश्व जटिल और बहु-आयामी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है—सीमा-पार आतंकवाद से लेकर शहरी विद्रोह तक। ऐसे अभ्यास आवश्यक हैं:
संयुक्त परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने में
बहुराष्ट्रीय (multinational) मिशनों में परस्पर संचालन-क्षमता बढ़ाने में
UN शांति मिशनों की तैयारी में
हथियार संचालन, निगरानी और सामरिक युद्धक तकनीकों में नवाचार साझा करने में
भारत के लिए यह अभ्यास उसकी वैश्विक शांति स्थापना भूमिका और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यूके के लिए यह एशिया के प्रमुख रक्षा साझेदार के साथ सहयोग को सुदृढ़ करता है।
अभ्यास का नाम: अजेय वॉरियर-25
संस्करण: 8वाँ
तारीखें: 17–30 नवंबर 2025
स्थान: फॉरेन ट्रेनिंग नोड, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान
प्रतिभागी संख्या: 240 (दोनों देशों से समान संख्या)
भारतीय दल: सिख रेजिमेंट
फोकस: अर्ध-शहरी क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी अभियान
जनादेश: संयुक्त राष्ट्र (UN) ढांचे के तहत
प्रारंभ वर्ष: 2011 (द्विवार्षिक)
Infosys ने कार्लोस अल्काराज़ के साथ कई सालों की पार्टनरशिप की है और उन्हें अपना…
भारत 2040 तक कोको उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति तैयार…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल, 2026 को कर्नाटक का दौरा किया और श्री आदिचंचनगिरी…
बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने फ़ीचर फ़ोन इस्तेमाल करने वालों तक मोबाइल बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने के…
वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनने की दिशा में भारत ने एक रणनीतिक कदम उठाया है। सरकार…
भारत की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और GE…