भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) के तहत भारत को बोत्सवाना से 8 चीते मिलने जा रहे हैं। यह घोषणा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की बोत्सवाना की राजकीय यात्रा के दौरान की गई, जो भारत और अफ्रीका के बीच पर्यावरणीय कूटनीति का एक नया अध्याय है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बोत्सवाना के राष्ट्रपति डूमा बोकॉ (Duma Boko) के साथ राजधानी गैबोरोन में द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन मुख्य आकर्षण रहा — बोत्सवाना द्वारा भारत को 8 चीतों का उपहार देने की औपचारिक घोषणा।
कल एक प्रतीकात्मक हस्तांतरण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू की उपस्थिति इस पहल की राजनयिक और पारिस्थितिक महत्ता को दर्शाएगी।
प्रोजेक्ट चीता भारत की वह महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके तहत 1952 में भारत में विलुप्त हो चुके चीतों को दोबारा बसाया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य है:
घासभूमि पारिस्थितिकी संतुलन बहाल करना,
इको-टूरिज़्म और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना,
वन्यजीव संरक्षण ढांचे को मजबूत बनाना, और
अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग स्थापित करना।
भारत ने 2022 में नामीबिया से पहली बार चीते लाकर मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) में छोड़े थे।
बोत्सवाना विश्व में सबसे बड़ी जंगली चीता आबादी वाले देशों में से एक है। इसके द्वारा भेजे जा रहे 8 चीते भारत की परियोजना के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे:
आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) को बढ़ाएंगे,
भारत जैसे सवाना-प्रकार के जलवायु में अनुकूल रहेंगे, और
दोनों देशों के बीच संरक्षण सहयोग को मजबूत करेंगे।
यह कदम अफ्रीका की भारत के प्रति सहयोग भावना और वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा अंगोला और बोत्सवाना दोनों देशों की पहली राजकीय यात्रा है। इसका उद्देश्य दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South–South Cooperation) को बढ़ावा देना है, जिसमें शामिल हैं:
पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण,
सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग,
द्विपक्षीय व्यापार और क्षमता निर्माण।
चीतों के हस्तांतरण समारोह में उनकी उपस्थिति भारत की पर्यावरणीय कूटनीति और जन-केन्द्रित संरक्षण नीति की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | प्रोजेक्ट चीता |
| घोषणा द्वारा | भारत सरकार |
| भारत में विलुप्ति वर्ष | 1952 |
| पुनर्प्रवेश की शुरुआत | 2022 (नामीबिया से) |
| नए चीते प्रदान करने वाला देश | बोत्सवाना |
| चीते की संख्या | 8 |
| प्रतीकात्मक हस्तांतरण तिथि | नवंबर 2025 |
| स्थान | गैबोरोन, बोत्सवाना |
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