भारत अपनी अंतरिक्ष-आधारित खुफिया क्षमताओं में बड़ा उन्नयन करने की तैयारी कर रहा है। हालिया सैन्य गतिरोध के दौरान सामने आई कमियों और ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक के बाद, सरकार 50 से अधिक नए जासूसी (निगरानी) उपग्रह लॉन्च करने की योजना बना रही है। इन उपग्रहों में रात और हर मौसम में इमेजिंग की क्षमता होगी, जिससे निगरानी, युद्धक्षेत्र की स्थिति समझने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ चार दिन के संघर्ष के दौरान मौजूदा अंतरिक्ष संपत्तियों की सीमाएँ उजागर होने के बाद, भारत ने 50 से अधिक उन्नत निगरानी उपग्रहों की तैनाती की योजना बनाई है, ताकि सैटेलाइट-आधारित खुफिया प्रणालियों में त्वरित सुधार किया जा सके।
भारत के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक…
पराक्रम दिवस 2026 भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति और…
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति निवास (Vice President’s…
भारत ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम…
भारत ने जलवायु कार्रवाई और औद्योगिक डी-कार्बोनाइजेशन की दिशा में एक और अहम कदम उठाया…
ओडिशा और मेघालय ने प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…