रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट के बालासोर में सतह से सतह पर मार करने वाली परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल “शौर्य” के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया। परमाणु-सक्षम मिसाइल का नया संस्करण लगभग 800 किमी की सीमा में लक्ष्य को मार गिराने में सक्षम है। मौजूदा मिसाइल की तुलना में यह मिसाइल हल्की और संचालन में आसान होगी। यह लॉन्च की गई सबमरीन बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) K-15 (B-05) का उन्नत संस्करण है। यह 10 मीटर लंबी, 74 सेमी व्यास और 6.2 टन वजनी है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) रणनीतिक मिसाइलों के क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है और इस वर्ष के शुरू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद अपने प्रयासों को और बढ़ाया है।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
कई वर्षों के इंतज़ार के बाद, तमिलनाडु सरकार ने अंततः 2016 से 2022 तक के…
भारत ने वैश्विक पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गंगा…
भारत ने रक्षा आधुनिकीकरण की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया है। जनवरी 2026…
अंतरराष्ट्रीय ज़ेबरा दिवस हर वर्ष 31 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पृथ्वी के…
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वास्थ्य (Menstrual Health) को अनुच्छेद 21 के तहत…
विश्व बैंक समूह (World Bank Group) ने अगले पाँच वर्षों तक हर वर्ष 8–10 अरब…