यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है, जिसनें सामने से आ रही बलिस्टिक मिसाइल को धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्वक निशाना बनाकर उसे नष्ट किया.7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मकैनिकल ऐक्टिवेटर वाली दिशानिर्देशन प्रणाली से लैस है.
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