भारत ‘एक्सरसाइज़ ब्राइट स्टार 2025’ (Exercise Bright Star 2025) में भाग लेने के लिए 700 से अधिक सैनिकों को तैनात करने जा रहा है। यह एक प्रमुख त्रि-सेवा (थ्री-सर्विस) बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास है, जो 28 अगस्त से 10 सितंबर तक मिस्र में आयोजित होगा। यह कदम वैश्विक सैन्य सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अभ्यास की शुरुआत 1980 में मिस्र और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के रूप में हुई थी।
समय के साथ यह मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र का सबसे बड़ा बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास बन गया।
वर्ष 2025 में भारत की मज़बूत भागीदारी वैश्विक साझेदारों के साथ गहरे रणनीतिक सहयोग का संकेत है।
एकीकृत सैन्य गतिविधियाँ
थल सेना, नौसेना और वायुसेना — तीनों सेवाओं के लाइव फायरिंग अभ्यास।
कमांड पोस्ट अभ्यास (Command Post Exercises) — उच्च-स्तरीय संयुक्त योजना और निर्णय प्रक्रिया का सिमुलेशन।
आधुनिक युद्ध परिदृश्यों पर केंद्रित लघु प्रशिक्षण मॉड्यूल।
साइबर युद्ध, संयुक्त लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक संचार जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ संवाद।
रणनीतिक उद्देश्य
भारत की भागीदारी का लक्ष्य—
सहभागी देशों के बीच संयुक्तता और इंटरऑपरेबिलिटी को मज़बूत करना।
मिस्र, अमेरिका और अन्य मित्र देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करना।
भारत की दृष्टि “क्षेत्र में सबके लिए सुरक्षा और विकास” (SAGAR) को मजबूत करना।
बहुराष्ट्रीय अभियानों में अनुभव प्राप्त करना, जो शांति स्थापना और गठबंधन कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
यह बहुपक्षीय अभ्यास भारत के सतत प्रयासों को दर्शाता है, जिनका उद्देश्य है—
विस्तारित पड़ोस में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना।
अपनी सैन्य क्षमताओं और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन करना।
रक्षा कूटनीति और सहयोग के लिए नए मंच तैयार करना।
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