भारत ने सऊदी फर्म मादेन के साथ 5 साल का डीएपी उर्वरक समझौता किया

भारत और सऊदी अरब ने उर्वरकों की आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण दीर्घकालिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। ये समझौते केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा की 11 से 13 जुलाई 2025 तक दम्माम और रियाद में हुई तीन दिवसीय यात्रा के दौरान हुए। इस पहल का उद्देश्य भारत की उर्वरक आवश्यकताओं को सुरक्षित करना और स्वास्थ्य व औषधि क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत बनाना है।

उर्वरक व्यापार को नई दिशा

रसायन और उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब गया। वहां सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री बंदर बिन इब्राहीम अल खुरायफ के साथ मिलकर उन्होंने माडेन (Ma’aden) कंपनी और भारतीय कंपनियों – आईपीएल, कृभको और सीआईएल – के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों का निरीक्षण किया।

इस नए समझौते के तहत भारत को 2025–26 से शुरू होकर प्रति वर्ष 31 लाख मीट्रिक टन डायअमोनियम फॉस्फेट (DAP) उर्वरक मिलेगा, जो पाँच वर्षों तक लागू रहेगा। आपसी सहमति से इसे पाँच वर्षों के लिए और बढ़ाया जा सकता है। यह 2024–25 में आयात किए गए 19 लाख मीट्रिक टन की तुलना में बड़ी वृद्धि है।

उर्वरक सुरक्षा और निवेश को बढ़ावा

दोनों देशों ने DAP के अलावा यूरिया और अन्य प्रमुख उर्वरकों के क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई। आपसी निवेश को लेकर भी बातचीत हुई, जिसमें भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने सऊदी उर्वरक उद्योग में निवेश में रुचि दिखाई। बदले में, सऊदी कंपनियां भी भारत में निवेश के अवसर तलाशेंगी।

भारत-केंद्रित अनुकूलित उर्वरकों पर अनुसंधान के लिए एक संयुक्त कार्यदल गठित किया गया है, ताकि कृषि उत्पादकता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिल सके।

स्वास्थ्य और औषधि क्षेत्र में सहयोग

यात्रा के दौरान नड्डा ने सऊदी अरब के उपस्वास्थ्य मंत्री अब्दुलअज़ीज अल-रुमैह से मुलाकात की। इसमें चिकित्सा सेवाओं, डिजिटल स्वास्थ्य, औषधि उत्पादन और ज्ञान साझाकरण में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की सऊदी यात्रा में हुए स्वास्थ्य समझौते (MoU) की भी सराहना की गई।

इसके अलावा नड्डा ने सऊदी ऊर्जा मंत्री और रणनीतिक साझेदारी परिषद के सह-अध्यक्ष प्रिंस अब्दुलअज़ीज बिन सलमान अल सऊद से भी भेंट की और द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।

औद्योगिक भ्रमण और भविष्य की दिशा

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने रास अल खैर स्थित माडेन के फॉस्फेट संयंत्र का दौरा भी किया, जहां उनका स्वागत माडेन फॉस्फेट के चेयरमैन हसन अल अली ने किया। माडेन भारत को उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली एक प्रमुख कंपनी है, और यह दौरा दोनों देशों के औद्योगिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में अहम रहा।

ये समझौते भारत के किसानों के लिए स्थिर उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे और खाद्य सुरक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेंगे। साथ ही, स्वास्थ्य और औषधि जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

G7 Summit 2026: फ्रांस में दुनिया के 7 सबसे ताकतवर देशों की बैठक, जानिए 13 बड़े फैसले और भारत के लिए क्यों है खास

दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसलों का मंच माने जाने…

1 month ago

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

2 months ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

2 months ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 months ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 months ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 months ago