भारत ने क्योटो प्रोटोकॉल की दूसरी प्रतिबद्धता अवधि की पुष्टि की है जो कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को में शामिल देशों के, जलवायु परिवर्तन पर अपने रुख की पुनः पुष्टि करता है.इसके साथ, भारत क्योटो प्रोटोकॉल की दूसरी प्रतिबद्धता अवधि, अंतर्राष्ट्रीय उत्सर्जन में कमी संधि से संबंधित संशोधन को स्वीकार करने वाला 80 वां देश बन गया है.
क्योटो प्रोटोकॉल एक अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जो संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) से जुड़ा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाध्यकारी उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य निर्धारित करके अपनी पार्टियां बनाते हैं.
उपरोक्त समाचार से परीक्षा उपयोगी तथ्य —
- क्योटो प्रोटोकॉल दिसंबर 1 997 में क्योटो, जापान में अपनाया गया था और फरवरी 2005 में लागू हुआ था.
स्रोत- द इकोनॉमिक टाइम्स









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