भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन गया है। दस साल पहले भारत लगभग 80 लाख सीटों के साथ पांचवें स्थान पर था। चौथे स्थान पर इंडोनेशिया और तीसरे स्थान पर ब्राजील था। अमेरिका और चीन क्रमश: पहले और दूसरे स्थान पर थे।
ओएजी डाटा के अनुसार, भारत अप्रैल 2024 में 1.56 करोड़ सीटों की एयरलाइन क्षमता के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पांच घरेलू बाजारों में भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। 2014 से 2024 के बीच सीटों की क्षमता वृद्धि की बात करें, तो 6.9 प्रतिशत के साथ भारत सबसे आगे रहा।
6.3 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ चीन उसके बहुत करीब था, जबकि इस दौरान अमेरिका और इंडोनेशिया में वृद्धि दर बहुत कम रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के दौरान इंडिगो ने अपनी बाजार हिस्सेदारी 2014 के 32 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 62 प्रतिशत हो गई।
सरकार के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में देश में एयरपोर्ट की संख्या 74 से बढ़कर 157 हो गई है। 2023 में 91 लाख से अधिक यात्रियों ने डिजी यात्रा की सुविधा का लाभ उठाया और 35 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने एप डाउनलोड किया गया।
पिछले साल 19 नवंबर को भारत में एयरलाइनों ने 4,56,910 घरेलू यात्रियों को यात्रा कराई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महामारी के बाद से यह सबसे अधिक एकल-दिवसीय हवाई यातायात था, जो कि कोविड-पूर्व औसत से 7.4 प्रतिशत अधिक है।
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