भारत ने AI Appreciation दिवस मनाया

भारत में 16 जुलाई को “AI प्रशंसा दिवस” (AI Appreciation Day) मनाया जा रहा है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे गतिशील विकास का उत्सव मनाया जा सके। यह दिवस भारत की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि तकनीकी प्रगति को समावेशी विकास, आर्थिक लचीलापन और सामाजिक परिवर्तन के लिए कैसे उपयोग किया जा रहा है।

पृष्ठभूमि:
भारत में AI की यात्रा 1960 के दशक में प्रारंभिक कंप्यूटर विज्ञान अनुसंधान से शुरू हुई। 1986 में शुरू की गई नॉलेज-बेस्ड कंप्यूटर सिस्टम्स (KBCS) परियोजना एक अहम मील का पत्थर थी। 1990 के दशक में सी-डैक जैसे संस्थानों ने सुपरकंप्यूटिंग और AI अनुप्रयोगों में अग्रणी भूमिका निभाई। 2000 के दशक की शुरुआत में TCS, Infosys और Wipro जैसे निजी आईटी कंपनियों ने AI अनुसंधान में बड़े स्तर पर निवेश शुरू किया। इसके बाद डिजिटल इंडिया मिशन (2015) और नीति आयोग की राष्ट्रीय AI रणनीति (2018) जैसे नीतिगत प्रयासों ने देश में AI को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त किया।

महत्त्व:
AI प्रशंसा दिवस यह याद दिलाता है कि किस प्रकार AI भारत के सामाजिक‑आर्थिक ताने‑बाने में गहराई से समाहित हो चुका है। चाहे वह दूर-दराज के क्लीनिकों में रोगों की पहचान हो, छात्रों के लिए व्यक्तिगत शिक्षा सामग्री तैयार करना हो, या किसानों की उपज बढ़ाने व सरकारी सेवाओं को अधिक कुशल बनाने की बात हो—AI देश में परिवर्तन की धुरी बन चुका है। भारत की विविध चुनौतियाँ और विशाल डेटा सेट इसे वैश्विक स्तर पर लागू होने वाले AI समाधानों के लिए एक अनूठा प्रयोग स्थल बनाते हैं।

उद्देश्य:
भारत की AI पहलों का मुख्य उद्देश्य तकनीक के माध्यम से समावेशी और न्यायसंगत विकास सुनिश्चित करना है। यह दृष्टिकोण सरकार की “AI फॉर ऑल” (AI for All) नीति में समाहित है, जिसका लक्ष्य है:

  • नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार

  • कौशल विकास और रोजगार सृजन

  • सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता बढ़ाना

  • अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देना

  • नैतिक और जिम्मेदार AI उपयोग को सुनिश्चित करना

प्रमुख पहलें और विशेषताएं:
भारत ने AI के विकास और उसके लोकतंत्रीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं:

  • स्किल इंडिया AI पोर्टल: AI से जुड़े पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र प्रदान करता है।

  • राष्ट्रीय AI स्किलिंग कार्यक्रम और AI यूथ बूटकैम्प्स: युवाओं और कार्यरत पेशेवरों को लक्षित करते हैं।

  • व्यावसायिक केंद्रों में AI: पारंपरिक क्षेत्रों जैसे बुनकरी, धातुकला और हस्तशिल्प में तकनीकी सहायता देता है।

  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी: Google, Microsoft और IBM जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अनुसंधान और तैनाती को बढ़ावा दिया गया है।

  • AI अनुसंधान हब और इनक्यूबेशन केंद्रों की स्थापना: जो शिक्षाविदों और उद्योगों को जोड़ने का कार्य करते हैं।

यह दिवस न केवल तकनीकी उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि यह AI को सामाजिक भलाई के लिए प्रयोग करने के भारत के संकल्प का प्रतीक भी है।

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vikash

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