भारत ने आईआईटी-मद्रास को संयुक्त राष्ट्र एआई उत्कृष्टता केंद्र के रूप में नामित किया

भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत करते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास (IIT-Madras) को संयुक्त राष्ट्र (UN) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) फॉर एआई के रूप में नामित किया है। यह घोषणा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा न्यूयॉर्क में आयोजित एक उच्चस्तरीय संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में की गई। यह कदम विशेषकर ग्लोबल साउथ देशों के लिए एआई क्षमता निर्माण, कौशल विकास और समावेशी डिजिटल प्रगति में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

IIT-Madras: वैश्विक एआई हब

  • संस्थान उत्कृष्टता (Institute of Eminence) का दर्जा प्राप्त IIT-Madras भारत में एआई अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र रहा है।

  • अब इसे UN Office for Digital and Emerging Technologies (ODET) के वैश्विक एआई हब नेटवर्क का हिस्सा बनाया गया है।

  • यह केंद्र काम करेगा:

    • एआई कौशल अंतर (skills gap) को दूर करने में

    • नैतिक और जिम्मेदार एआई शासन (ethical AI governance) को बढ़ावा देने में

    • एआई तकनीकों तक सभी की समावेशी पहुँच सुनिश्चित करने में

ग्लोबल साउथ को सशक्त बनाना

IIT-Madras का CoE बनना इस बात का प्रतीक है कि भारत उन देशों की मदद करना चाहता है, जिनके पास एआई कौशल और कंप्यूटिंग अवसंरचना की कमी है। इसके तहत भारत:

  • ओपन-सोर्स एआई मॉडल साझा करेगा

  • कौशल विकास कार्यक्रमों में सहयोग करेगा

  • स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय नवाचारों को समर्थन देगा

भारत का एआई मिशन और लक्ष्य

भारत ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है, जिसके तहत:

  • 38,000 GPUs सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराए गए हैं

  • 300 ओपन-सोर्स एआई मॉडल विकसित और साझा किए गए हैं

  • लक्ष्य: हर साल 1 करोड़ (10 मिलियन) लोगों को एआई से संबंधित कौशल में प्रशिक्षित करना

यह विश्व के सबसे बड़े एआई कार्यक्रमों में से एक है, जो भारत को घरेलू शक्ति के साथ-साथ वैश्विक योगदानकर्ता भी बनाता है।

UN ODET और वैश्विक एआई नेटवर्क

  • संयुक्त राष्ट्र ODET का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों (जैसे एआई) से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का समाधान करना है।

  • इसके तहत, सदस्य देशों द्वारा नामित CoE केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं जो:

    • क्षेत्रीय ज्ञान हब (knowledge hubs) बनेंगे

    • प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे

    • एआई सुरक्षा, नैतिकता और शासन के लिए वैश्विक मानक तय करेंगे

प्रमुख तथ्य

  • IIT-Madras को संयुक्त राष्ट्र का एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस नामित किया गया

  • भारत का लक्ष्य: एआई कौशल विकास और वैश्विक योगदान

  • इंडिया एआई मिशन के तहत 1 करोड़ लोगों को हर साल प्रशिक्षित करने का लक्ष्य

  • फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी करेगा भारत

  • फोकस: People, Compute, Data, Safety के ज़रिए एआई डिवाइड को कम करना

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

क्या अब अमेरिका में तीन साल तक नहीं मिलेगा H-1B वीजा?, जानें सबकुछ

अमेरिका में हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों के एक समूह ने कांग्रेस (अमेरिकी…

20 hours ago

नीतू समरा को Noida International Airport का अंतरिम CEO नियुक्त किया गया

नीतू समरा को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) का निया सीईओ नियुक्त किया गया है।…

22 hours ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर हुआ 703.3 अरब डॉलर

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो 17 अप्रैल,…

23 hours ago

भारत ने मालदीव को 30 अरब रुपये की निकासी मंजूर की

भारत की ओर से मालदीव को दी जा रही आर्थिक और वित्तीय सहायता की पहली…

24 hours ago

विश्व मलेरिया दिवस 2026: तिथि, विषय और वैश्विक प्रयासों की व्याख्या

विश्व मलेरिया दिवस 2026 हर साल 25 अप्रैल को मनाया जाएगा, ताकि मलेरिया के बारे…

1 day ago

India Census 2027: आरजीआई ने टोल-फ्री हेल्पलाइन 1855 शुरू की

सरकार ने भारत में होने वाली जनगणना 2027 को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम…

1 day ago