भारत ने साल 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP33 की मेजबानी करने के अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट ने 08 अप्रैल 2026 को यह जानकारी दी। यह फैसला वैश्विक जलवायु कूटनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत ने खुद इस आयोजन के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी।
दरअसल, साल 2023 में दुबई में आयोजित COP28 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अंतरराष्ट्रीय मंच से प्रस्ताव रखा था कि भारत 2028 में COP33 की मेजबानी करना चाहता है। प्रधानमंत्री ने तब जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व को रेखांकित करते हुए यह पेशकश की थी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विश्व भर में जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं और देशों के बीच सहयोग की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है। हालांकि, इस निर्णय की औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है। हालांकि इसके बावजूद भारत ने यह साफ किया है कि वह जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक प्रयासों में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। भारत पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन उत्सर्जन में कमी और सतत विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराता रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल ही में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र का फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) और पेरिस एग्रीमेंट के तहत अपने जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों को और मजबूत किया है। भारत ने 2031 से 2035 की अवधि के लिए अपने नए नेशनल डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन (NDC) घोषित किए हैं, जो 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने के दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा हैं।
भारत के इस फैसले के बाद अब इंडो-पैसिफिक ग्रुप की नजर दक्षिण कोरिया (South Korea) पर टिक सकती है, जिसने पहले ही 2028 में इस सम्मेलन की मेजबानी में रुचि दिखाई थी। वहीं, आने वाले वर्षों में तुर्किए COP31 की मेजबानी करेगा, जबकि ईथोपिया COP32 की मेजबानी करेगा।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…