ईरान और रूस की “ईरान-रूस समुद्री सुरक्षा बेल्ट 2021” नामक नौसेना अभ्यास में भारत भी शामिल हुआ, जो हिंद महासागर के उत्तरी भाग में हुआ. चीनी नौसेना भी अभ्यास में शामिल होगी. ड्रिल का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा को बढ़ाना, समुद्री डकैती और आतंकवाद का सामना करना और सूचनाओं का आदान-प्रदान करना है.
ड्रिल के बारे में:
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