Italy के उप प्रधानमंत्री ने एस जयशंकर से की मुलाकात, IMEC को आगे बढ़ाने पर हुई बात

भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को गहराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है, जिसमें व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और रणनीतिक संपर्क जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है—विशेषकर भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEEC) और संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना (JSAP) 2025–29 के माध्यम से। यह नवीकृत सहयोग इटली के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री एंतोनियो ताजानी की हालिया भारत यात्रा के दौरान सुदृढ़ हुआ, जिसमें दोनों देशों ने एक सुरक्षित, समृद्ध और आपस में जुड़ी हुई इंडो-पैसिफिक तथा वैश्विक व्यवस्था की साझा दृष्टि को रेखांकित किया।

भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी की प्रमुख विशेषताएं:

द्विपक्षीय संबंध – नवीनतम विकास:
दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और हरित संक्रमण, उच्च प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। एंतोनियो ताजानी की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से रणनीतिक वार्ताएं हुईं, JSAP 2025–29 की समीक्षा हुई और IMEEC को लागू करने पर बल दिया गया।

उच्चस्तरीय कूटनीतिक सहभागिता:
कूटनीतिक वार्ताओं में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना, रक्षा औद्योगिक सहयोग, अंतरिक्ष, विज्ञान और डिजिटल तकनीक में सहयोग, और लोगों के बीच संपर्क व पेशेवर गतिशीलता को बढ़ावा देने पर जोर रहा।

भूराजनीतिक मेल:
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र और समावेशी दृष्टिकोण के समर्थन के साथ, वैश्विक दक्षिण और बहुपक्षीय सुधारों पर संवाद हुआ। भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) को फिर से पुष्ट किया गया।

JSAP 2025–29 (संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना):
यह योजना नवंबर 2023 में रियो डी जनेरियो में मोदी-मेलोनी बैठक के दौरान शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य अगले पाँच वर्षों तक द्विपक्षीय सहयोग को दिशा देना है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोफ्यूल, दूरसंचार, जैव प्रौद्योगिकी, शिक्षा और युवा गतिशीलता जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत तकनीकी हस्तांतरण, नवाचार आधारित साझेदारियाँ, संस्थागत संवाद तंत्र और युवाओं व पेशेवरों के लिए आदान-प्रदान कार्यक्रमों की उम्मीद है।

IMEEC – भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा:
यह गलियारा भारत, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच व्यापारिक एकीकरण, ऊर्जा सुरक्षा और मल्टीमॉडल संपर्क को बढ़ावा देगा। इटली ने इसके लिए विशेष दूत नियुक्त किया है और इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भारत के साथ मजबूत प्रतिबद्धता जताई है।

भारत-इटली संबंध: एक झलक:
दोनों देशों के बीच 1947 से राजनयिक संबंध हैं। सांस्कृतिक, शैक्षणिक और स्थापत्य सहयोग की गहरी जड़ें हैं। मार्च 2023 में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की भारत यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की गई थी।

आर्थिक संबंध:
इटली, भारत का चौथा सबसे बड़ा यूरोपीय संघ व्यापारिक साझेदार है। 2023–24 में दोनों देशों के बीच व्यापार $15 बिलियन से अधिक रहा। प्रमुख क्षेत्र: मशीनरी, ऑटोमोबाइल, रसायन, फैशन और नवीकरणीय ऊर्जा।

जन-जन के बीच संबंध:
इटली में लगभग 2 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान हैं।

हाल की उपलब्धियाँ:
JSAP 2025–29 पर हस्ताक्षर, इटली का IMEEC में शामिल होना, रक्षा सहयोग का विस्तार और औद्योगिक संयुक्त उपक्रम प्रमुख उपलब्धियाँ रही हैं।

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vikash

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