भारत, इज़राइल ने द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत और इज़राइल ने नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय निवेश समझौते (Bilateral Investment Agreement) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य आपसी निवेश को बढ़ावा देना, निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करना और प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा तथा वित्तीय नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। यह समझौता भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

समझौते के प्रमुख उद्देश्य

  • द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देना

  • निवेशकों को कानूनी निश्चितता प्रदान करना

  • अधिग्रहण (Expropriation) से सुरक्षा और पारदर्शी नियम सुनिश्चित करना

  • नुकसान की स्थिति में निष्पक्ष मुआवज़े की गारंटी

  • विवाद समाधान हेतु स्वतंत्र मध्यस्थता (Arbitration) व्यवस्था

  • पूंजी और लाभांश का सुगम हस्तांतरण

यह सभी प्रावधान भारत और इज़राइल के बीच निवेश माहौल को और मजबूत व पारदर्शी बनाएंगे।

वर्तमान निवेश स्थिति और विकास की संभावनाएँ

  • वर्तमान में भारत-इज़राइल के बीच निवेश का मूल्य लगभग 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।

  • समझौते से निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है:

    • साइबर सुरक्षा

    • रक्षा तकनीक

    • फिनटेक और डिजिटल पेमेंट्स

    • नवाचार एवं हाई-टेक उद्योग

निर्मला सीतारमण ने दोनों देशों के उद्योग जगत से नए निवेश अवसर तलाशने का आह्वान किया।

रणनीतिक सहयोग और साझा दृष्टिकोण

इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच ने दोनों देशों की साझा लोकतांत्रिक एवं आर्थिक मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद भारत और इज़राइल ने उच्च आर्थिक विकास बनाए रखा है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:

  • साइबर डिफेंस

  • वित्तीय विनियमन

  • डिजिटल भुगतान संपर्क

  • अवसंरचना विकास

दोनों मंत्रियों ने प्रौद्योगिकी-आधारित सहयोग और आर्थिक लचीलापन बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य

  • घटना: भारत-इज़राइल द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर

  • स्थान: नई दिल्ली

  • तारीख: सितंबर 2025

  • हस्ताक्षरकर्ता: निर्मला सीतारमण (भारत), बेज़ालेल स्मोट्रिच (इज़राइल)

  • निवेश फोकस: फिनटेक, रक्षा, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट्स

  • वर्तमान निवेश मूल्य: 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर

  • प्रमुख विशेषताएँ: मध्यस्थता, निवेशक सुरक्षा, मुआवज़ा, पारदर्शिता

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vikash

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