भारत-इज़राइल में अब ‘स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’

भारत और इज़राइल ने 25–26 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल यात्रा के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को “शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत किया। यह यात्रा इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मेजबानी में हुई और 2017 में मोदी की इज़राइल यात्रा तथा 2018 में नेतन्याहू की भारत यात्रा से स्थापित मजबूत आधार को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पड़ाव साबित हुई।

संयुक्त वक्तव्य में रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), साइबर सुरक्षा, व्यापार, कृषि, कनेक्टिविटी और जन-से-जन संबंधों सहित कई क्षेत्रों में गहन सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

भारत-इज़राइल विशेष रणनीतिक साझेदारी 2026: नए युग की शुरुआत

भारत और इज़राइल के नेताओं ने 2017 और 2018 की ऐतिहासिक यात्राओं को याद करते हुए कहा कि उन्हीं दौरों ने आधुनिक भारत-इज़राइल संबंधों की मजबूत नींव रखी थी। वर्ष 2026 में दोनों देशों ने औपचारिक रूप से अपने संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उन्नत कर दिया है। यह साझेदारी शांति, सुरक्षा और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित है।

इज़राइल की अत्याधुनिक नवाचार क्षमता और स्टार्टअप शक्ति को भारत के विशाल बाजार, प्रतिभा और विनिर्माण क्षमता के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं— एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, जैव-प्रौद्योगिकी, रक्षा प्लेटफॉर्म और अंतरिक्ष तकनीक। यह साझेदारी भारत के दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण और इज़राइल की नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

4 नवंबर 2025 को हुए रक्षा सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत करते हुए दोनों देशों ने भविष्य की रणनीतिक रूपरेखा तय की।

मुख्य फोकस क्षेत्र:

  • उन्नत रक्षा प्लेटफॉर्म
  • संयुक्त अनुसंधान एवं उत्पादन
  • साइबर सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग
  • रणनीतिक संवाद तंत्र

दोनों पक्षों ने 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हुए हमले और 2025 में भारत में हुई आतंकी घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति दोहराई।

एआई, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियाँ

तकनीकी सहयोग इस विशेष रणनीतिक साझेदारी का केंद्रीय स्तंभ है।

प्रमुख पहलें:

  • एआई सहयोग पर समझौता
  • भारत-इज़राइल साइबर उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना
  • क्रिटिकल एवं उभरती प्रौद्योगिकी (CET) पहल
  • I4F (इंडस्ट्रियल R&D एवं इनोवेशन फंड) का विस्तार
  • संयुक्त शोध वित्त पोषण को 1 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 1.5 मिलियन डॉलर (प्रत्येक देश द्वारा)

साथ ही Indian Space Research Organisation (ISRO) और Israel Space Agency (ISA) के बीच अंतरिक्ष सहयोग को भी सुदृढ़ किया गया।

व्यापार, एफटीए वार्ता और यूपीआई लिंक

दोनों नेताओं ने व्यापारिक क्षमता को पूर्ण रूप से उपयोग में लाने पर जोर दिया।

मुख्य आर्थिक प्रगति:

  • मुक्त व्यापार समझौते (FTA) वार्ता हेतु शर्तों पर हस्ताक्षर
  • सितंबर 2025 का भारत-इज़राइल द्विपक्षीय निवेश समझौता
  • भारत-इज़राइल वित्तीय संवाद की शुरुआत
  • NPCI इंटरनेशनल और MASAV के बीच UPI को इज़राइल की त्वरित भुगतान प्रणाली से जोड़ने का समझौता

साथ ही भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।

कृषि, जल और सतत विकास

कृषि और जल सहयोग दोनों देशों के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है।

मुख्य बिंदु:

  • 35 उत्कृष्टता केंद्र संचालित; 8 और जोड़े जा रहे
  • 10 लाख से अधिक भारतीय किसानों को प्रशिक्षण
  • भारत-इज़राइल कृषि नवाचार केंद्र (IINCA) पर समझौता
  • मत्स्य और जलीय कृषि में सहयोग
  • विलवणीकरण, अपशिष्ट जल पुन: उपयोग और नदी सफाई पर ध्यान

पर्यावरणीय सहयोग में जलवायु कार्रवाई, सर्कुलर अर्थव्यवस्था और जैव विविधता संरक्षण भी शामिल है।

जन-से-जन संपर्क, शिक्षा और श्रमिक गतिशीलता

दोनों देशों ने इज़राइल में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षित आवाजाही बढ़ाने पर सहमति जताई।

मुख्य बिंदु:

  • अगले पाँच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय श्रमिक
  • विनिर्माण, सेवा और रेस्तरां क्षेत्रों में विस्तार
  • संयुक्त समन्वय समिति को सुदृढ़ करना

शिक्षा क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय और यरूशलेम का हिब्रू विश्वविद्यालय के बीच समझौता, भारत-इज़राइल अकादमिक सहयोग मंच (I2I Forum) तथा एआई आधारित शिक्षा सहयोग शामिल हैं।

16 नए समझौते

इस यात्रा के दौरान कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें एआई सहयोग, साइबर उत्कृष्टता केंद्र, शिक्षा एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान (2026–2029), कृषि और मत्स्य नवाचार, भू-भौतिकीय अन्वेषण, समुद्री विरासत (लोथल परियोजना), वित्तीय एवं मध्यस्थता सहयोग, यूपीआई भुगतान लिंक और श्रमिक गतिशीलता प्रोटोकॉल शामिल हैं।

ये समझौते महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देते हैं और भारत-इज़राइल संबंधों को एक नए रणनीतिक स्तर पर स्थापित करते हैं।

सवाल

Q. 2026 के दौरे के दौरान, भारत और इज़राइल ने अपने रिश्ते को अपग्रेड किया,

A. कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप
B. स्ट्रेटेजिक अलायंस
C. स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप
D. डिफेंस पैक्ट

 

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vikash

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