भारत ने वैश्विक दूरसंचार नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाते हुए 11 से 13 जून 2025 तक नई दिल्ली में तीसरी अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU-T) की एआई-नेटिव दूरसंचार नेटवर्क पर केंद्रित फोकस ग्रुप (FG-AINN) की बैठक की मेज़बानी की। यह आयोजन दूरसंचार विभाग (DoT) के अधीन टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) द्वारा आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि भविष्य के दूरसंचार नेटवर्क कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को एक सहायक नहीं, बल्कि एक मूलभूत तत्व के रूप में अपनाकर कैसे कार्य करेंगे। यह एक बुद्धिमान, अनुकूली और स्वायत्त संचार प्रणाली की दिशा में वैश्विक प्रयासों में भारत की प्रमुख भूमिका को दर्शाता है।
तीसरी FG-AINN बैठक की शुरुआत 11 जून 2025 को नई दिल्ली में हुई।
भारत ने ITU Plenipotentiary Conference 2030 (PP-30) की मेज़बानी का प्रस्ताव रखा।
श्रीमती एम. रेवती को ITU रेडियोकम्युनिकेशन ब्यूरो (2027–2030) की निदेशक पद हेतु पहली महिला और क्षेत्रीय उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया।
Build-a-Thon 2025 के ज़रिए वास्तविक समय में एआई-आधारित टेलीकॉम समाधानों के सह-निर्माण को बढ़ावा दिया गया।
चर्चाओं में शामिल विषय: फेडरेटेड लर्निंग, 6G उपयोग, AI एजेंट, और टेलीकॉम में चेहरे की पहचान तकनीक।
दूरसंचार संरचना का पुनर्निर्माण: नेटवर्क के मूल में AI को एकीकृत करके स्व-इष्टतम और लचीले नेटवर्क बनाना।
वैश्विक सहयोग को बढ़ावा: भविष्य के लिए तैयार दूरसंचार नवाचारों और मानकों पर साझेदारी।
नैतिक AI उपयोग को सुनिश्चित करना: समावेशी, व्याख्यात्मक, और डिजिटल संप्रभुता का सम्मान करने वाला एआई विकास।
आयोजनकर्ता:
टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (TEC), दूरसंचार विभाग (DoT)।
उद्घाटन भाषण:
श्री संजीव बिदवई ने 3GPP मानकों, Bharat Gen LLM, और C-DOT नवाचारों में एआई की भूमिका को रेखांकित किया।
वैश्विक भागीदारी:
Seizo Onoe, निदेशक, ITU टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन ब्यूरो।
Atsuo Okuda, क्षेत्रीय निदेशक, ITU एशिया-प्रशांत।
उद्योग प्रतिनिधि और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी।
PP-30 सम्मेलन (2030) की मेज़बानी का प्रस्ताव।
ITU काउंसिल के लिए नामांकन (2027–2031 कार्यकाल)।
एम. रेवती को ITU रेडियोकम्युनिकेशन ब्यूरो की निदेशक पद के लिए नामांकित किया गया — इस पद पर नामांकित होने वाली पहली महिला व क्षेत्रीय उम्मीदवार।
स्थापना: जुलाई 2024, ITU-T स्टडी ग्रुप 13 द्वारा।
मुख्य कार्य:
नेटवर्क कोर में AI को एम्बेड करने के लिए आर्किटेक्चर पुनः डिज़ाइन करना।
स्मार्ट सिटी, हेल्थकेयर, आपदा-जागरूक प्रणालियों जैसे एप्लिकेशनों का विकास।
कॉल ड्रॉप्स, नेटवर्क लेटेंसी और रीयल-टाइम अनुकूलन जैसी चुनौतियों का समाधान।
यह बैठक भारत की AI और दूरसंचार तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षा और Viksit Bharat@2047 लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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