प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमुएल मैक्रों ने रिमोटली एच-125 हेलिकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया। ये दोनों नेता मुंबई में थे और असेंबली लाइन कर्नाटक के वेमगल में शुरू हुई है। ये यूरोप की बड़ी कंपनी एयरबस और भारत की टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) का जॉइंट वेंचर है। यहां H-125 हेलीकॉप्टर बनाए जाएंगे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मीटिंग के बाद जॉइंट स्टेटमेंट दिया। पीएम मोदी ने भारत-फ्रांस के संबंध को बहुत स्पेशल बताया। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने स्ट्रैटजिक पार्टनर में से एक है और हमने मिलकर इस पार्टनरशिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमुएल मैक्रों ने H125 हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ किया। कर्नाटक के वेमगल औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यह संयंत्र भारत की पहली निजी क्षेत्र की हेलीकॉप्टर निर्माण इकाई है। यहां प्रारंभिक चरण में प्रति वर्ष 10 H125 हेलीकॉप्टरों का निर्माण किया जाएगा और अगले 20 वर्षों में अनुमानित 500 हेलीकॉप्टरों की मांग को ध्यान में रखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। पहला “मेड इन इंडिया” H125 हेलीकॉप्टर 2027 की शुरुआत तक उड़ान भरने की उम्मीद है, जो आत्मनिर्भर भारत एयरोस्पेस मिशन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
H125 हेलीकॉप्टर सुविधा के साथ-साथ भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी के तहत फिक्स्ड-विंग विमान निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला “मेड इन इंडिया” Airbus C295 सैन्य परिवहन विमान सितंबर 2026 तक वडोदरा से रोलआउट होने की उम्मीद है। भारतीय वायु सेना द्वारा ऑर्डर किए गए 56 C295 विमानों में से 16 स्पेन से प्राप्त हो चुके हैं, जबकि शेष 40 भारत में निर्मित किए जा रहे हैं। लगभग 70% पुर्जे देश में ही तैयार किए जा रहे हैं और 37 भारतीय आपूर्तिकर्ता इस परियोजना से जुड़े हैं। यह आत्मनिर्भर भारत एयरोस्पेस के तहत मजबूत प्रगति को दर्शाता है।
गुजरात में C295 विमान निर्माण और कर्नाटक में H125 हेलीकॉप्टर निर्माण का दोहरा मॉडल आत्मनिर्भर भारत पहल का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है।
इस सहयोग से:
भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी अब खरीदार-विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर सह-उत्पादन और विनिर्माण साझेदारी में बदल रही है, जिससे रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कर्नाटक के वेमगल में Airbus H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का शुभारंभ इस यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा। यह Airbus और Tata Group का संयुक्त उपक्रम है।
यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के तहत भारत के एयरोस्पेस विनिर्माण आधार को मजबूत करती है।
यह परियोजना केवल एक विनिर्माण इकाई नहीं है, बल्कि:
H125 हेलीकॉप्टर भारत को उच्च-ऊंचाई विमानन तकनीक में एक महत्वपूर्ण वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
भारत-फ्रांस रक्षा संबंध पहले से ही राफेल लड़ाकू विमानों और पनडुब्बी सहयोग को शामिल करते हैं। अब यह सहयोग आगे बढ़कर संयुक्त हेलीकॉप्टर निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, उन्नत सामग्री, मिसाइल प्रणालियों और एयरोस्पेस तकनीक तक विस्तारित हो रहा है।
एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र और एआई व डिजिटल साइंस के लिए इंडो-फ्रेंच केंद्रों की भी घोषणा की गई है। भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी रणनीतिक और औद्योगिक रक्षा सहयोग को नई मजबूती प्रदान करती है।
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